विदेश की खबरें | दक्षिण अफ्रीका में तीन दिन की सामुदायिक गतिविधियों के बाद आईएनएस त्रिशूल भारत रवाना

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

जोहानिसबर्ग, 10 जून दक्षिण अफ्रीका में तीन दिन की सामुदायिक गतिविधियों के बाद भारतीय नौसेना का पोत ‘आईएनएस त्रिशूल’ बंदरगाह शहर डरबन से भारत रवाना हो गया।

हिंद महासागर क्षेत्र के देशों की सहायता करने में भारत की भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए तैयार की गई गतिविधियों की एक श्रृंखला का प्रदर्शन कर आईएनएस त्रिशूल स्वदेश रवाना हुआ।

रंगभेद के कारण लगभग चार दशकों के विराम के बाद तीन दिवसीय सद्भावना यात्रा के दौरान भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों की 30वीं वर्षगांठ सहित कई ऐतिहासिक घटनाओं को चिह्नित किया गया।

यह यात्रा भारत की ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’ का भी हिस्सा है, जो भारत सरकार द्वारा देश की स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।

यह सद्भावना यात्रा 130 साल पहले सात जून को हुई उस घटना को भी चिन्हित करती है, जब युवा वकील मोहनदास करमचंद गांधी को पीटरमारित्जबर्ग स्टेशन पर एक ट्रेन से इसलिए बाहर फेंक दिया गया था, क्योंकि वह गोरे यात्रियों के लिए आरक्षित डिब्बे में सवार हो गए थे।

डरबन में भारत की काउंसल जनरल डॉ थेलमा डेविड ने कहा, ‘‘सात जून को पीटरमारित्जबर्ग में एक समारोह में जहाज के बैंड ने महात्मा गांधी के कुछ पसंदीदा भजन बजाए। चालक दल के सदस्यों ने उस चबूतरे पर भी पुष्पांजलि अर्पित की, जहां गांधीजी को फेंका गया था।’’

अपनी सामुदायिक गतिविधियों के हिस्से के रूप में कैप्टन कपिल कौशिक के नेतृत्व में आईएनएस त्रिशूल के चालक दल ने ‘फीनिक्स यूथ सेंटर’ का दौरा किया, जहां उन्होंने भारत के स्थानीय वाणिज्य दूतावास के साथ मिलकर ‘फीनिक्स चाइल्ड वेलफेयर एसोसिएशन’ की स्थानीय सामुदायिक परियोजनाओं के लिए विभिन्न सामग्री दान की।

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