ताजा खबरें | पूर्वोत्तर के राज्यों में हर स्तर पर बुनियादी विकास किया जा रहा है: राष्ट्रपति

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नयी दिल्ली, 31 जनवरी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्वोत्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सोमवार को कहा कि इन राज्यों में हर स्तर पर बुनियादी और आर्थिक अवसरों का विकास किया जा रहा है।

बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि जो राज्य और क्षेत्र उपेक्षित छूट गए थे, आज देश उनके लिए विशेष प्रयास कर रहा है। पूर्वोत्तर में जारी विकास कार्यो का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वहां शांति स्थापना के प्रयासों में सरकार को ‘‘ऐतिहासिक सफलता’’ मिली है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार पूर्वोत्तर के सभी राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इन राज्यों में हर स्तर पर बुनियादी और आर्थिक अवसरों का विकास किया जा रहा है। रेल और हवाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का सपना पूर्वोत्तर के लोगों के लिए अब साकार हो रहा है। यह देश के लिए गर्व का विषय है कि पूर्वोत्तर राज्यों की सभी राजधानियाँ मेरी सरकार के प्रयास से अब रेलवे के नक्शे पर आ रही हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अभी कुछ महीने पहले ही कार्बी-आंगलोंग के दशकों पुराने विवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार, असम की राज्य सरकार एवं कार्बी समूहों के बीच समझौता हुआ है। इससे इस क्षेत्र में शांति और खुशहाली का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।’’

कोविंद ने कहा कि ईटानगर के होलोंगी में एक नए हवाई अड्डे की स्थापना की जा रही है, वहीं हाल में त्रिपुरा राज्य के ‘महाराजा बीर बिक्रम विमानपत्तन’ पर एक नया और आधुनिक टर्मिनल खोला गया है।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर का यह विकास भारत की विकास यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय सिद्ध होगा।

कोविंद ने कहा कि कुछ दिन पहले ही 21 जनवरी को मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा की स्थापना के 50 साल पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 75 साल पूरे होने के साथ इन राज्यों की यात्रा भी हमें विकास के नए संकल्पों के लिए प्रेरित कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से आज देश में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या भी 126 से घटकर 70 रह गई है।

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