एजेंसी न्यूज

शव में धीरे-धीरे संक्रमण कम हो जाता है, लेकिन कोई समय निर्धारित नहीं: आईसीएमआर

आईसीएमआर ने यह जानकारी दी।

शव में धीरे-धीरे संक्रमण कम हो जाता है, लेकिन कोई समय निर्धारित नहीं: आईसीएमआर
जमात

नयी दिल्ली, 20 मई कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद उसके शव से धीरे-धीरे कोविड-19 संक्रमण कम होने लगता है लेकिन शव को कब गैर-संक्रामक घोषित किया जा सकता है, इसकी कोई अवधि निश्चित नहीं है।

आईसीएमआर ने यह जानकारी दी।

आईसीएमआर से मंगलवार को सवाल किया गया कि कोरोना वायरस का असर किसी शव से कितने दिनो में समाप्त होता है, तो उसने कहा कि इसकी कोई अवधि तय नहीं है, इसलिए किसी भी शव के संपर्क में आने वाले लोगों को आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए और पोस्टमार्टम के लिए ऐसी तकनीक अपनानी चाहिए, जिसमें चीर-फाड़ नहीं करनी पड़े।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने ‘भारत में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की मौत के बाद उनके शवों के लिए चिकित्सा-विधान संबंधी मानक दिशा निर्देशों’ में कहा कि कोविड-19 श्वास संबंधी बीमारी है और ऐरोसॉल के जरिए फैलती है।

उसने कोविड-19 के संदिग्ध मृतक के शव की (आरटी-पीसीआर) जांच रिपोर्ट में संक्रमित नहीं पाए जाने के बाद उसके पोस्टमार्टम से जुड़े प्रोटोकॉल संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि कोविड-19 आरटी-पीसीआर से परिणाम में संक्रमण की पुष्टि नहीं होने संबंधी गलत परिणामों की अपेक्षाकृत अधिक दर होने के मद्देनजर हर मामले को संभावित कोरोना वायरस संक्रमण का मामला समझा जाएगा।

उसने कहा, ‘‘इसलिए महामारी के दौरान इन शवों के पोस्टमार्टम में चीर-फाड़ नहीं करने की सलाह दी जाती है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on May 20, 2020 12:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).