नयी दिल्ली, छह फरवरी वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने बृहस्पतिवार को कंपनियों से जोखिम उठाने, नई फैक्टरी लगाने और रोजगार सृजन करने को कहा।
उन्होंने कहा कि आम बजट में किए गए उपायों से वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी और भारत न केवल दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा, बल्कि इसकी गति भी तेज होगी।
पांडेय ने यहां पीएचडी चैंबर में एक कार्यक्रम में कहा, ''आपको जोखिम उठाना चाहिए। आप जोखिम उठा रहे हैं, इसलिए आप उद्यमी हैं, और आप जोखिम से बच नहीं सकते। आपको फैक्ट्रियां लगानी होंगी। आपको रोजगार सृजन करना होगा। इसलिए हमें आपकी 'एनिमल स्प्रिट' को बढ़ाने की जरूरत है।''
प्रसिद्ध ब्रिटिश अर्थशास्त्री जॉन मेनार्ड कीन्स ने ‘एनिमल स्पिरिट’ शब्द गढ़ा था। आर्थिक तनाव या अनिश्चितता के समय में अगर निवेशक और उपभोक्ता जोखिम लेने तथा अधिक खर्च करने के लिए तैयार रहते हैं, तो कहा जाता है कि ‘एनिमल स्पिरिट’ बढ़ी हुई है। ‘एनिमल स्पिरिट’ कम होने पर निवेशक और उपभोक्ता अधिक सतर्क और रुढ़िवादी हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि जब उद्यमी नए निवेश करते हैं, जोखिम उठाते हैं और संस्थान बनाते हैं, तो इससे रोजगार सृजन होता है और वृद्धि का चक्र आगे बढ़ता है।
पांडेय ने कहा, ''जब आप रोजगार सृजन करते हैं, तो इससे आय सृजन होता है और उस आय से खपत और बचत होती है। इससे आगे निवेश बढ़ता है और लाभकारी चक्र बढ़ता है। हम छह प्रतिशत से आठ प्रतिशत की वृद्धि तक पहुंच सकते हैं, लेकिन हमें इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।''
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