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जरुरी जानकारी | निचले आधार प्रभाव, विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन से मई में औद्योगिक उत्पादन 29.3 प्रतिशत बढ़ा

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जरुरी जानकारी | निचले आधार प्रभाव, विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन से मई में औद्योगिक उत्पादन 29.3 प्रतिशत बढ़ा

नयी दिल्ली, 12 जुलाई देश का औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) मई में सालाना आधार पर 29.3 प्रतिशत बढ़ा है। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

निचले आधार प्रभाव तथा विनिर्माण, खनन और बिजली क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन की वजह से औद्योगिक उत्पादन बढ़ा है, लेकिन यह अब भी महामारी-पूर्व के स्तर से नीचे है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार मई महीने में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 34.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। आईआईपी में विनिर्माण क्षेत्र का हिस्सा 77.63 प्रतिशत है।

इसी तरह खनन क्षेत्र का उत्पादन 23.3 प्रतिशत तथा बिजली का 7.5 प्रतिशत बढ़ा।

एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, मई, 2021 में आईआईपी 116.6 अंक पर रहा। पिछले साल इसी महीने में यह 90.2 पर था। मई, 2019 में आईआईपी 135.4 अंक था।

आंकड़ों से पता चलता है कि औद्योगिक उत्पादन में सुधार हुआ है, लेकिन यह अब भी मई, 2019 के महामारी पूर्व के स्तर से नीचे है।

मई, 2020 में औद्योगिक उत्पादन में 33.4 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक श्रवण शेट्टी ने कहा, ‘‘मई में आईआईपी 29.3 प्रतिशत बढ़ा है जिससे पता चलता है कि दूसरी लहर के प्रभाव से निपटने के लिए आपूर्ति श्रृंखला ने पिछले साल की तुलना में खुद को अधिक ढाला है। इससे पहली तिमाही अच्छी रहने की उम्मीद है, क्योंकि जून महीने के उच्च चक्रीय आंकड़े भी सकारात्मक हैं।’’

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य अर्थशास्त्री निखिल गुप्ता ने कहा कि जून में भी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक इसी स्तर पर रहने की संभावना है पर जुलाई से इसमें बढ़ोतरी दिख सकती है।

कोरोना वायरस महामारी की वजह से पिछले साल मार्च से औद्योगिक उत्पादन प्रभावित रहा है। उस समय इसमें 18.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी। यह अगस्त, 2020 तक नकारात्मक दायरे में रहा था। आर्थिक गतिविधियों शुरू होने के साथ सितंबर में कारखाना उत्पादन एक प्रतिशत बढ़ा था। अक्टूबर में आईआईपी 4.5 प्रतिशत बढ़ा था।

नवंबर, 2020 में कारखाना उत्पादन में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई थी। उसके बाद दिसंबर, 2020 में यह 2.2 प्रतिशत बढ़ा था।

इस साल जनवरी में आईआईपी में 0.6 प्रतिशत तथ फरवरी में 3.2 प्रतिशत की गिरावट आई। मार्च में यह 24.1 प्रतिशत बढ़ा। एनएसओ ने अप्रैल के आईपीओ के पूरे आंकड़े जारी नहीं किए थे।

मई, 2020 में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 37.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी। उस समय खनन क्षेत्र का उत्पादन 20.4 प्रतिशत घटा था। वहीं बिजली क्षेत्र का उत्पादन 14.9 प्रतिशत नीचे आया था।

निवेश का संकेतक कहे जाने वाले पूंजीगत सामान क्षेत्र का उत्पादन मई, 2021 में 85.3 प्रतिशत बढ़ा। एक साल पहले समान महीने में इसमें 65.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

समीक्षाधीन महीने में टिकाऊ उपभोक्ता सामान का उत्पादन 98.2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि मई, 2020 में क्षेत्र का उत्पादन 70.3 प्रतिशत घटा था।

उपभोक्ता गैर-टिकाऊ सामान का उत्पादन मई में 0.8 प्रतिशत बढ़ा। एक साल पहले समान महीने में इसमें 9.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2021 08:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).