जरुरी जानकारी | विनिर्माण, खनन, बिजली क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से जुलाई में औद्योगिक उत्पादन 11.5 प्रतिशत बढ़ा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश के औद्योगिक उत्पादन में जुलाई महीने में 11.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। तुलनात्मक आधार कमजोर रहने तथा विनिर्माण, खनन और बिजली क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से यह वृद्धि हासिल हुई है। हालांकि, उत्पादन स्तर अभी भी महामारी से पहले की स्थिति से थोड़ा नीचे है।
नयी दिल्ली, 10 सितंबर देश के औद्योगिक उत्पादन में जुलाई महीने में 11.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। तुलनात्मक आधार कमजोर रहने तथा विनिर्माण, खनन और बिजली क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से यह वृद्धि हासिल हुई है। हालांकि, उत्पादन स्तर अभी भी महामारी से पहले की स्थिति से थोड़ा नीचे है।
इससे पहले, पिछले साल जुलाई 2020 में कोरोना महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित रहने से औद्योगिक उत्पादन में 10.5 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के शुक्रवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) आंकड़ों के अनुसार सकल औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 77.63 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन जुलाई 2021 में 10.5 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, खनन उत्पादन में 19.5 प्रतिशत और बिजली उत्पादन में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
एनएसओ के आंकड़े के अनुसार जुलाई महीने में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 131.4 अंक रहा जो पिछले साल इसी महीने में 117.9 अंक पर था। वहीं जुलाई 2019 में यह मामूली ऊपर 131.8 अंक पर था।
आंकड़ा बताता है कि औद्योगिक उत्पादन में सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी महामारी-पूर्व स्थिति जुलाई 2019 के स्तर से थोड़ा नीचे है।
पिछले साल मार्च में कोविड महामारी फैलने के साथ औद्योगिक उत्पादन में 18.7 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। अगस्त 2020 तक इसमें गिरावट बनी रही।
आर्थिक गतिविधियां शुरू होने के साथ औद्योगिक उत्पादन सितंबर 2020 में एक प्रतिशत बढ़ा। अक्टूबर में इसमें 4.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, नवंबर में उत्पादन 1.6 प्रतिशत घटा और दिसंबर 2020 में इसमें 2.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
आईआईपी में इस साल जनवरी में 0.6 प्रतिशत और फरवरी में 3.2 प्रतिशत की गिरावट रही। वहीं मार्च 2021 में इसमें 24.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
एनएसओ ने अप्रैल 2021 का आंकड़ा जारी नहीं किया। मई में आईआईपी 28.6 प्रतिशत और जून में 13.6 प्रतिशत बढ़ा।
कोविड महामारी की दूसरी लहर अप्रैल मध्य में शुरू हुई और कई राज्यों ने इसकी रोकथाम के लिये पाबंदियां लगायी।
आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जुलाई के चार माह के दौरान आईआईपी में कुल मिलाकर 34.1 प्रतिशत वृद्धि हुई है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में 29.3 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।
एनएसओ ने एक बयान में कहा, ‘‘पिछले साल इसी अवधि की तुलना में वृद्धि दर का विश्लेषण मार्च 2020 से शुरू कोविड-19 महामारी की स्थिति को ध्यान में रखकर करना चाहिए।’’
सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये 25 मार्च, 2020 को देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ लगाया था।
विनिर्माण क्षेत्र में जुलाई 2020 में 11.4 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। खनन क्षेत्र में उत्पादन इसी महीने में 12.7 प्रतिशत तथा बिजली उत्पादन 2.5 प्रतिशत घटा था।
वहीं, निवेश के स्तर को बताने वाला पूंजीगत सामान का उत्पादन जुलाई 2021 में 29.5 प्रतिशत बढ़ा। इसमें एक साल पहले इसी महीने में 22.8 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।
टिकाऊ उपभोक्ता सामान का उत्पादन आलोच्य महीने में 20.2 प्रतिशत बढ़ा जबकि एक साल पहले जुलाई में इसमें 23.7 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। उपभोक्ता गैर-टिकाऊ सामान का उत्पादन जुलाई में 1.8 प्रतिशत घटा जबकि एक साल पहले जुलाई 2020 में इसमें 1.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 10, 2021 07:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

