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जरुरी जानकारी | इस सप्ताह भारत-पाक संबंधों, मुद्रास्फीति, तिमाही नतीजों से तय होगी शेयर बाजार की चाल: विश्लेषक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने के समझौते के बाद इस सप्ताह घरेलू शेयर बाजार की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगी। विश्लेषकों ने यह जानकारी दी।

जरुरी जानकारी | इस सप्ताह भारत-पाक संबंधों, मुद्रास्फीति, तिमाही नतीजों से तय होगी शेयर बाजार की चाल: विश्लेषक

नयी दिल्ली, 11 मई भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने के समझौते के बाद इस सप्ताह घरेलू शेयर बाजार की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगी। विश्लेषकों ने यह जानकारी दी।

कारोबारियों ने कहा कि इसके अलावा व्यापक आर्थिक आंकड़ों, चौथी तिमाही के नतीजों, विदेशी निवेशकों के रुख और वैश्विक रुझानों से भी निवेशकों की भावनाएं प्रभावित होंगी।

भारत और पाकिस्तान ने चार दिन तक सीमापार ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद तत्काल प्रभाव से सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए शनिवार को एक समझौता किया।

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, ‘‘तनाव कम होने से निवेशकों पर दबाव कम हुआ है और इसे वित्तीय बाजारों द्वारा एक सकारात्मक घटनाक्रम के रूप में देखा जा सकता है। ऐतिहासिक रूप से, बाजारों ने इस तरह के भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद मजबूती और उबरने की प्रवृत्ति दिखाई है।’’

उन्होंने कहा कि सभी की निगाहें एफआईआई पर होंगी, जिन्होंने पिछले दो सप्ताह से लगातार शुद्ध खरीदार बने रहने के बाद शुक्रवार के बिकवाली की।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ शोध उपाध्यक्ष अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘यह सप्ताह महत्वपूर्ण होगा, जिसमें कई प्रमुख घरेलू कारक होंगे। पाकिस्तान के साथ जारी तनाव सहित भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रहेगी। व्यापक आर्थिक मोर्चे पर निवेशक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई), थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) और विदेश व्यापार सहित प्रमुख आंकड़ों पर नजर रखेंगे।’’

उन्होंने कहा कि इस सप्ताह प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे भी आने हैं, जिनमें टाटा स्टील, भारती एयरटेल, गेल, हीरो मोटोकॉर्प, टाटा मोटर्स, ल्यूपिन और बीएचईएल जैसी कंपनियां शामिल हैं।

विदेशी निवेशकों का देश के शेयर बाजार में भरोसा बना हुआ है और उन्होंने इस महीने अब तक 14,167 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अप्रैल में विदेशी संस्थागत निवेश और रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। इससे आर्थिक लचीलेपन का संकेत मिलता है।’’

पिछले सप्ताह, बीएसई सेंसेक्स 1,047.52 अंक या 1.30 प्रतिशत गिरा। एनएसई निफ्टी भी 338.7 अंक या 1.39 प्रतिशत कमजोर हुआ।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2025 02:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).