जरुरी जानकारी | चालू वित्त वर्ष के पहले सात माह में भारत का कपड़ा निर्यात सात प्रतिशत बढ़कर 21.35 अरब डॉलर पर

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नयी दिल्ली, दो जनवरी सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि हस्तशिल्प सहित भारत का कपड़ा और परिधान निर्यात चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर की अवधि के दौरान सात प्रतिशत बढ़कर 21.35 अरब डॉलर का हो गया।

पिछले वित्त वर्ष यानी 2023-24 की समान अवधि में इस क्षेत्र से निर्यात 20 अरब डॉलर का रहा था।

कपड़ा मंत्रालय ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान कुल निर्यात (2,135.8 करोड़ डॉलर) में से 873.3 करोड़ डॉलर के निर्यात के साथ रेडिमेड गारमेंट्स (आरएमजी) श्रेणी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी (41 प्रतिशत) है। इसके बाद सूती वस्त्र (33 प्रतिशत, 708.2 करोड़ डॉलर), मानव निर्मित वस्त्र (15 प्रतिशत, 310.5 करोड़ डॉलर) का स्थान है।’’

मंत्रालय ने कहा कि 2024-25 की अप्रैल-अक्टूबर के दौरान सभी प्रमुख वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि देखी गई, जबकि 2023-24 की इसी अवधि की तुलना में ऊन और हथकरघा में क्रमशः 19 प्रतिशत और छह प्रतिशत की गिरावट आई।

इस बीच, चालू वित्त वर्ष के पहले सात माह में हस्तशिल्प सहित वस्त्र और परिधान का कुल आयात 542.5 करोड़ डॉलर रहा, जो 2023-24 की इसी अवधि के 546.4 करोड़ डॉलर की तुलना में एक प्रतिशत कम है।

मंत्रालय ने कहा कि 185.9 करोड़ डॉलर के आयात के साथ मानव निर्मित वस्त्र श्रेणी का, वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान कुल आयात (542.5 करोड़ डॉलर) में, सबसे बड़ा हिस्सा (34 प्रतिशत) है, क्योंकि इस क्षेत्र में मांग-आपूर्ति का अंतर है।

सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘मुख्य रूप से लंबे स्टेपल कपास फाइबर के आयात के कारण सूती वस्त्रों में आयात में वृद्धि देखी गई है और आयात के ऐसे रुझान बढ़ती खपत और आत्मनिर्भरता के बीच देश की उत्पादन क्षमता में वृद्धि का संकेत देते हैं।’’

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान भारत द्वारा वस्त्र और परिधान उत्पादों का आयात 8.94 अरब डॉलर का रहा, जो 2022-23 में 10.48 अरब डॉलर की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत कम है।

भारत 2023 में दुनिया में वस्त्र और परिधान का छठा सबसे बड़ा निर्यातक था। भारत के कुल निर्यात में हस्तशिल्प सहित वस्त्र और परिधान (टी एंड ए) की हिस्सेदारी 2023-24 में 8.21 प्रतिशत रही।

कपड़ा मंत्रालय ने कहा, ‘‘हमारे देश का वस्त्र और परिधान के वैश्विक व्यापार में 3.9 प्रतिशत हिस्सा है। भारत के लिए प्रमुख वस्त्र और परिधान निर्यात गंतव्य अमेरिका और यूरोपीय संघ हैं और कुल वस्त्र और परिधान निर्यात में इनकी हिस्सेदारी लगभग 47 प्रतिशत है।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत एक प्रमुख वस्त्र और परिधान निर्यातक देश है और इसके पास व्यापार अधिशेष बचता है। अधिकांश आयात पुनः निर्यात या कच्चे माल की उद्योग आवश्यकता के लिए होता है।’’

उल्लेखनीय है कि निर्यात मांग और आपूर्ति का एक कार्य है और यह वैश्विक मांग, आंतरिक खपत और मांग, ऑर्डर प्रवाह, लॉजिस्टिक्स आदि जैसे कारकों पर निर्भर करता है।

मंत्रालय ने कहा कि बीते वित्त वर्ष में निर्यात शुरू में कम रहा, जिसका मुख्य कारण लाल सागर के आसपास भू-राजनीतिक संकट था, जिसने जनवरी, फरवरी और मार्च, 2024 के दौरान निर्यात आवाजाही को प्रभावित किया।

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