जरुरी जानकारी | भारत का विदेशी कर्ज दिसंबर, 2021 को समाप्त तिमाही में बढ़कर 614.9 अरब डॉलर पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश का विदेशी स्रोतों से लिया गया कर्ज दिसंबर, 2021 को समाप्त तिमाही में 11.5 अरब डॉलर बढ़कर 614.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 31 मार्च देश का विदेशी स्रोतों से लिया गया कर्ज दिसंबर, 2021 को समाप्त तिमाही में 11.5 अरब डॉलर बढ़कर 614.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) अनुपात के रूप में विदेशी कर्ज पिछले साल दिसंबर के अंत में 20 प्रतिशत रहा, जो सितंबर, 2021 में 20.3 प्रतिशत था।
दिसंबर, 2021 को समाप्त तिमाही के लिये भारत के विदेशी कर्ज पर रिपोर्ट के अनुसार, देश का बाह्य कर्ज यानी विदेशी स्रोतों से लिया गया ऋण सितंबर, 2021 को समाप्त तिमाही के मुकाबले 11.5 अरब डॉलर बढ़कर 614.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘भारत का विदेशी ऋण सतत और सूझबूझ के साथ प्रबंधित है।’’
मूल्यांकन लाभ का कारण यूरो, येन और विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) की तुलना में अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में वृद्धि है। यह लाभ करीब 1.7 अरब डॉलर रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘मूल्यांकन प्रभाव को अगर छोड़ दिया जाए, तो विदेशी कर्ज दिसंबर, 2021 को समाप्त तिमाही में इससे पिछली तिमाही के मुकाबले 11.5 अरब डॉलर के बजाय 13.2 अरब डॉलर बढ़ता।’’
विदेशी कर्ज में वाणिज्यिक ऋण की हिस्सेदारी सबसे अधिक 36.8 प्रतिशत रही। उसके बाद प्रवासी जमा (23.1 प्रतिशत) और अल्पकालीन व्यापार कर्ज का स्थान रहा।
दिसंबर, 2021 के अंत में एक साल से अधिक समय में परिपक्व होने वाला दीर्घकालीन कर्ज 500.3 अरब डॉलर रहा। यह सितंबर, 2021 के मुकाबले 1.7 अरब डॉलर बढ़कर 500.3 अरब डॉलर रहा।
वहीं एक साल तक की परिपक्वता अवधि वाले अल्पकालीन कर्ज की बाह्य ऋण में हिस्सेदारी बढ़कर 18.6 प्रतिशत हो गयी, जो सितंबर, 2021 के अंत में 17.4 प्रतिशत थी।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के विदेशी ऋण में अमेरिकी डॉलर में लिये गये कर्ज का हिस्सा आलोच्य तिमाही में सबसे अधिक 52 प्रतिशत रहा। इसके बाद भारतीय रुपये (32 प्रतिशत), विशेष आहरण अधिकार (6.7 प्रतिशत), येन (5.3 प्रतिशत) और यूरो (3.1 प्रतिशत) का स्थान रहा।
सरकार का बकाया विदेशी कर्ज दिसंबर, 2021 को समाप्त तिमाही के दौरान पिछली तिमाही के मुकाबले मामूली कम हुआ जबकि गैर-सरकारी क्षेत्र का ऋण बढ़ा है।
साथ ही मूल राशि की अदायगी के साथ ब्याज भुगतान आलोच्य तिमाही में बढ़कर 4.9 प्रतिशत हो गया जो सितंबर, 2021 को समाप्त तिमाही में 4.7 प्रतिशत था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 31, 2022 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

