जरुरी जानकारी | भारतीय भी अब कर सकेंगे अब अमेरिकी स्टॉक में निवेश, अलंकित इमेजिनेशंस ने सेवा शुरू की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ई- गवर्नेंस सेवायें देने वाले अलंकित लिमिटेड की अनुषंगी अलंकित इमेजिनेशंस ने मंगलवार को एक नई सेवा पेश की जिसके तहत भारतीयों को वैश्विक बाजारों में निवेश और कारोबार की सुविधा मिलेगी। इसकी शुरुआत अमेरिका के शेयर बाजार में निवेश की सुविधा से की जा रही है।
नयी दिल्ली, 16 जून ई- गवर्नेंस सेवायें देने वाले अलंकित लिमिटेड की अनुषंगी अलंकित इमेजिनेशंस ने मंगलवार को एक नई सेवा पेश की जिसके तहत भारतीयों को वैश्विक बाजारों में निवेश और कारोबार की सुविधा मिलेगी। इसकी शुरुआत अमेरिका के शेयर बाजार में निवेश की सुविधा से की जा रही है।
इस वर्ल्ड इन्वेस्टिंग सेवा को स्टॉकल के साथ मिलकर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह एक वैश्विक निवेश मंच है जो कि लोगों को दुनियाभर में विविध संपत्तियों में निवेश में मदद करता है।
कंपनी ने कहा कि कोई भी उपयोगकर्ता 5 से 7 में ब्रोकरेज खाता खोल सकता है और इसमें एक बार के सौदे में पांच डालर अथवा 10 डालर का छोटा सौदा भी कर सकता है।
इसमें किसी कंपनी के एक पूरे इक्विटी शेयर के भी छोटे हिस्सा को खरीदने की भी सुविधा है। इस तरह के शेयर कंपनियों द्वारा शेयरों को विभाजित करने अथवा ऐसा ही कोई नया कदम उठाने से हो सकता है।
अलंकित लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अंकित अग्रवाल ने इस नई सेवा के बारे में कहा कि इसमें कई तरह के फायदे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पहला फायदा तो यह है कि आपको अमेरिकी बाजार तक पहुंच मिलती है जो कि काफी सीमित है अथवा प्रतिबंधित है। दूसरे आपका पूरा निवेश अमेरिकी डालर में होता है। इसमें आप जो भी धन निवेश करते हैं उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें निवेशक को डेबिट कार्ड जारी किया जाता है। इस डेबिट कार्ड के जरिये निवेशक अपने खर्चों का भुगतान कर सकता है और जब आप अपना मुनाफा अपने देश में लायेंगे तो मुद्रा परिवर्तन की लागत की भी बचत होगी। ’’
अलंकित प्लेटफार्म को कृत्रिम मेधा के जरिये समर्थन दिया गया है। इसमें स्वत: शोध कार्य, पोर्टफोलियो ट्रैकिंग और व्यक्तिगत शेयर सलाह भी उपलब्ध है।
स्टाकॉल के संस्थापक और सीईओ सीतश्व श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमें भारतीय निवेशकों से अमेरिका में निवेश अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विविधीकरण के लिये मांग में काफी तेजी महसूस हुई है। खासतौर से पिछले तीन माह के दौरान इसमें वृद्धि देखी गई है।’’
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