खेल की खबरें | हार के बाद वापसी करना सीख गयी है भारतीय टीम : मारिन

तोक्यो, चार अगस्त मुख्य कोच सोर्ड मारिन का कहना है कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने हार के बाद वापसी करना सीख लिया है और तोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से मिली हार बीती बात है क्योंकि अब टीम का ध्यान ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने पर लगा है।

भारतीय महिला हॉकी टीम ने बुधवार को यहां अर्जेंटीना के खिलाफ सेमीफाइनल में दमदार प्रदर्शन किया लेकिन टीम 1-2 से हार गयी और अब कांस्य पदक के लिये शुक्रवार को ग्रेट ब्रिटेन से खेलेगी।

मारिन ने मैच के बाद कहा, ‘‘हम यहां पदक जीतने के लिये आये थे और अब भी एक पदक जीतने का मौका है। यह हार से उबरकर वापसी करने की बात है। हमने हार के बाद वापसी करना भी सीख लिया है। हम सुधार कर सकते हैं ’’

उन्हें लगता है कि भारतीय टीम अर्जेंटीना के खिलाफ मौकों का फायदा उठाने में असफल रही।

मारिन ने कहा, ‘‘इन मैचों में मौकों का फायदा उठाना अहम होता है। अर्जेंटीना ने इस मामले में हमसे बेहतर किया। पेनल्टी कार्नर में हमारे शॉट की दिशा सही नहीं रही थी। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं खिलाड़ियों पर गुस्सा नहीं हो सकता क्योंकि हम इस तरह के इतने ज्यादा मैच नहीं खेलते। यह पूरी तरह से नया अनुभव है और आपको इस तरह के मैच खेलकर सीखना होता है। यह सिर्फ मौकों का फायदा उठाना होता है। ’’

मारिन ने साथ ही कहा, ‘‘हमने अंतिम क्वार्टर में जो तेजी दिखायी, यह सचमुच अच्छी बात थी। ’’

भारतीय कप्तान रानी रामपाल भी मारिन की बात से सहमत थी और उन्होंने कहा कि उनके लिये प्रतियोगिता खत्म नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम निराश हैं क्योंकि हम हार गये। हमने अर्जेंटीना को कड़ी चुनौती दी। उन्होंने अपने मौकों का फायदा उठाया। हमें भी पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन हम सिर्फ एक पर ही गोल कर सके। ’’

रानी ने कहा, ‘‘तीसरे और चौथे क्वार्टर में पहले दो क्वार्टर की तुलना में काफी खिलाड़ियों की ऊर्जा काफी अलग थी। यह इतनी ज्यादा भी नहीं थी। हम इससे सीखेंगे क्योंकि हमें अभी एक और मैच खेलना है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है। हमारे पास अब भी कांस्य पदक जीतने का मौका है। अगर आप स्वर्ण पदक जीतते तो यह अच्छा होता लेकिन फिर भी कांस्य भी पदक ही है, इसलिये हमें उस पदक के लिये लड़ना होगा और हम अगले मैच पर ध्यान लगायेंगे। ’’

कोच को लगता है कि इन 18 खिलाड़ियों की उपलब्धियों से देश में महिला हॉकी का चेहरा भी बदल जायेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि काफी बदलाव होगा क्योंकि अब महिला हॉकी को भी गंभीरता से लिया जायेगा। ’’

मारिन ने कहा, ‘‘पूरा देश इन खिलाड़ियों का समर्थन कर रहा है, भले ही अब कुछ भी हो। सभी को इन पर गर्व है। मुझे लगता है कि इससे खूबसूरत चीज कोई नहीं हो सकती। ’’

ड्रैगफ्लिकर गुरजीत कौर ने भारत को दूसरे मिनट में बढ़त दिला दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस मैच से काफी कुछ सीखा और हम वीडियो देखकर अपनी गलतियों पर काम करके सीखना जारी रखेंगे। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘सेमीफाइनल मैच दबाव वाला होता है और दोनों टीमें गोल करने के लिये दबाव में थीं। हमने काफी मौके बनाये लेकिन इनमें से काफी को गोल में नहीं बदल सके। उम्मीद करते हैं कि अगले मैच में इस सीख का फायदा उठायेंगे। ’’

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