जरुरी जानकारी | भारतीय स्टार्टअप दुनिया में काम करने के तरीकों में ला रहे बदलाव: आमिताभ कांत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि भारतीय स्टार्टअप दुनिया में काम करने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिक समानता वाले समाज के लिये महिला उद्यमिता एक प्रमुख माध्यम है।
नयी दिल्ली, 21 मार्च नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि भारतीय स्टार्टअप दुनिया में काम करने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिक समानता वाले समाज के लिये महिला उद्यमिता एक प्रमुख माध्यम है।
उद्योग मंडल फिक्की के महिला संगठन (एफएलओ) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांत ने कहा कि भारत में इस समय 61,000 से अधिक स्टार्टअप हैं और 81 यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय स्टार्टअप खासकर स्वास्थ्य के नये उभरते क्षेत्रों, पोषण और कृषि जैसे क्षेत्रों में दुनिया में काम करने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रहे हैं।’’
कांत के अनुसार, महिलाओं के स्वामित्व वाले कारोबार और उद्यम समाज में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और जल्द ही भारतीय स्टार्टअप परिवेश के भीतर व्यापक बदलाव का कारण बनेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘महिला-आधारित उद्यमिता अधिक समानता वाले समाज को साकार करने के लिये महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक है। जितनी ज्यादा महिलाएं उद्यमिता को अपनाएंगी...उतना ही सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के लिये यह उत्प्रेरक बन सकेगा।’’
नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि फिलहाल उद्यम पूंजी और निजी इक्विटी कंपनियां महिला स्टार्टअप का समर्थन कर रही हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)