जरुरी जानकारी | इंडियन ओवरसीज बैंक ने 18 तिमाहियों के बाद लाभ हासिल किया, मार्च तिमाही में हुआ 144 करोड़ का मुनाफा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र का इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) लगातार 18 तिमाहियों तक नुकसान में रहने के बाद मुनाफे में आया है। बैंक को मार्च, 2020 को समाप्त चौथी तिमाही में एकल आधार पर 144 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। फंसे कर्ज में उल्लेखनीय कमी और प्रावधान कम होने से बैंक को लाभ हुआ है।
नयी दिल्ली, 25 जून सार्वजनिक क्षेत्र का इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) लगातार 18 तिमाहियों तक नुकसान में रहने के बाद मुनाफे में आया है। बैंक को मार्च, 2020 को समाप्त चौथी तिमाही में एकल आधार पर 144 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। फंसे कर्ज में उल्लेखनीय कमी और प्रावधान कम होने से बैंक को लाभ हुआ है।
आईओबी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि इससे पूर्व वित्त वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में बैंक को 1,985.16 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
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बैंक फिलहाल रिजर्व बैंक के तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) नियम के दायरे में है। इससे पहले उसे जून 2016 में समाप्त तिमाही में लाभ हुआ था।
आईओबी के प्रबंध निदेशक और सीईओ कर्णम शेखर ने कहा कि बैंक ने अच्छा सुधार किया है और तिमाही के दौरान नुकसान को काबू में करने में सफल रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘...हम कर्ज की लागत कम करने में सफल रहे है। यानी प्रावधान कम हुआ है। इसके परिणामस्वरूप हम 144 करोड़ रुपये का लाभ कमा पाये। पिछली 18 तिमाहियों से हम केवल नुकसान उठा रहे थे।’’
शेखर ने कहा कि ऐसा नहीं है कि लाभ एकबारगी का मामला है। बैंक इस प्रवृत्ति को बरकरार रखेगा।
प्रावधान का अनुपात 31 मार्च, 2020 को सुधरकर 86.94 प्रतिशत रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 71.39 प्रतिशत था।
उन्होंने कहा कि जून तिमाही के परिणाम के बाद बैंक आरबीआई को पत्र लिखकर पीसीए नियम के दायरे से बैंक को बाहर करने को कहेगा।
मई अंत तक बैंक के करीब 32 प्रतिशत ग्राहकों ने कर्ज लौटाने के लिये रिजर्व बैंक द्वारा दी गयी मोहलत का लाभ उठाया है।
बैंक की सकल गैर-निष्पादित परंसपत्ति (एनपीए) में अच्छा-खासा सुधार हुआ है। 31 मार्च, 2020 को समाप्त तिमाही में यह घटकर कुल कर्ज के 14.78 प्रतिशत पर आ गयी, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 21.97 प्रतिशत थी। राशि के आधार पर बैंक का एनपीए आलोच्य तिमाही में 19,912.70 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में 33,398.12 करोड़ रुपये था।
इसी प्रकार, शुद्ध रूप से फंसा कर्ज मार्च, 2020 को समाप्त तिमाही में घटकर 5.44 प्रतिशत पर आ गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 10.81 प्रतिशत था।
बैंक की कुल जमा 31 मार्च 2020 को बढ़कर 2,22,952 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,22,534 करोड़ रुपये थी।
बैंक का सकल कर्ज 31 मार्च 2020 को समाप्त तिमाही में 1,34,771 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1,51,996 करोड़ रुपये पर था।
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