विदेश की खबरें | भारतीय मूल की डॉक्टर ने डाउनिंग स्ट्रीट तक मौन प्रदर्शन का नेतृत्व किया

लंदन, 29 मई कोरोना वायरस महामारी से लड़ने वाले डॉक्टरों और नर्सों सहित अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की कमी को लेकर, ब्रिटेन सरकार के खिलाफ कानूनी लड़ाई में 53 हजार पाउंड का फंड जुटाने वाली भारतीय मूल की एक डॉक्टर ने, मुद्दे पर जागरूकता पैदा करने के लिए यहां डाउनिंग स्ट्रीट तक मौन प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

आठ माह की गर्भवती डॉक्टर मीनल विज के साथ इस प्रदर्शन में बृहस्पतिवार की शाम डॉक्टरों का एक समूह शामिल था।

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प्रदर्शन संयोग से ऐसे समय हुआ जब स्थानीय समयानुसार बृहस्पतिवार रात आठ बजे कोरोना योद्धाओं के सम्मान में ‘क्लैप फॉर केयरर्स’ पहल का साप्ताहिक कार्यक्रम हुआ।

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी पहल के दसवें सप्ताह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मियों का सम्मान करने के लिए डाउनिंग स्ट्रीट स्थित अपने कार्यालय से बाहर निकले।

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उनसे कुछ कदमों की दूरी पर प्रदर्शनकारियों के समूह ने भौतिक दूरी के नियम का पालन करते हुए मौन प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने वाली विज ने कहा, ‘‘एक डॉक्टर के रूप में, मैंने ‘क्लैप फॉर केयरर्स’ के दौरान आपके समर्थन की प्रशंसा की है। लेकिन ताली बजाने की जगह मैं महामारी के दौरान जान गंवाने वाले अपने 237 सहकर्मियों की याद में मौन रखूंगी।’’

विज अपने डॉक्टर पति निशांत जोशी के साथ पीपीई जैसे जीवनरक्षक उपकरण के मुद्दे पर लंदन उच्च न्यायालय में न्यायिक समीक्षा के आग्रह से संबंधित प्रक्रिया से जुड़ी हैं।

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