जरुरी जानकारी | भारतीय अर्थव्यवस्था तेज पुनरुद्धार के रास्ते पर: वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार, रणनीतिक सुधारों और तेज टीकाकरण अभियान ने अर्थव्यवस्था को कोविड-19 महामारी की “विनाशकारी लहरों से उबरने” में सक्षम बनाकर देश को तेज पुनरुद्धार के रास्ते पर खड़ा कर दिया है।
नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार, रणनीतिक सुधारों और तेज टीकाकरण अभियान ने अर्थव्यवस्था को कोविड-19 महामारी की “विनाशकारी लहरों से उबरने” में सक्षम बनाकर देश को तेज पुनरुद्धार के रास्ते पर खड़ा कर दिया है।
सितंबर की समीक्षा में कहा गया कि कृषि में निरंतर और मजबूत वृद्धि, विनिर्माण एवं उद्योग में तेज वापसी, सेवा से जुड़ी गतिविधि की बहाली तथा शानदार राजस्व से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था अच्छी प्रगति कर रही है।
इसमें कहा गया, "भारत अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से फैल रहे वृद्धि के आवेगों के साथ तेजी से पुनरुद्धार के रास्ते पर अच्छी तरह लौट आया है ... टीकाकरण अभियान में नए पड़ाव के साथ अब तक किए गए रणनीतिक सुधारों ने अर्थव्यवस्था को कोविड-19 महामारी की विनाशकारी लहरों से पार पाने में सक्षम बनाया है।"
बाहरी क्षेत्र ने भारत के वृद्धि संबंधी पुनरुद्धार के लिए उज्ज्वल संभावनाएं पेश करना जारी रखा है और देश के व्यापारिक निर्यात ने वित्त वर्ष 2021-22 में लगातार छठे महीने 30 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में व्यापार घाटे के भी बढ़ने के साथ, खपत के स्पष्ट प्रमाण हैं और भारत में निवेश की मांग भी बढ़ रही है। विदेशी ऋण एवं जीडीपी अनुपात सहज बना हुआ है, जो मार्च 2021 के अंत में 21.1 प्रतिशत की तुलना में जून के अंत में गिरकर 20.2 प्रतिशत हो गया ।
इसमें कहा गया कि अर्थव्यवस्था में वृद्धि की रफ्तार के साथ, बैंक ऋण की वृद्धि दर 10 सितंबर, 2021 को समाप्त पखवाड़े में सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 5.3 प्रतिशत थी।
आपूर्ति श्रृंखलाओं की बहाली, आवाजाही में सुधार और खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी के साथ, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति अगस्त 2021 में चार महीने के निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर वापस आ गयी। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि मुद्रास्फीति की प्रवृत्ति महामारी से प्रेरित और अस्थायी है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजारों में अस्थिर कीमतों और खाद्य तेलों एवं धातु उत्पादों की कीमतों में वृद्धि चिंता का विषय बनी रह सकती है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 11, 2021 02:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

