जरुरी जानकारी | भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में सिकुड़ने की राह पर: डीबीएस
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नयी दिल्ली, 31 मई भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2020-21 में सिकुड़ने की राह पर है, क्योंकि कोविड-19 संकट से पैदा हुई बाधाओं में अभी सुधार के आसार नहीं दिख रहे।
डीबीएस बैंक इंडिया की अर्थशास्त्री राधिका राव ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के हाल में जारी आंकड़ों पर अपनी टिप्पणी में यह बात कही।
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वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2020) के दौरान देश की जीडीपी वृद्धि दर 3.1 प्रतिशत पर रही। यह 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद रफ्तार की सबसे निचली दर है।
वित्त वर्ष 2019-20 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 11 साल के सबसे निचले स्तर 4.2 प्रतिशत पर रही है।
राव ने कहा कि देश की वृद्धि दर आम सहमति के मुकाबले मजबूत है, लेकिन आंकड़ों के संकलन के मुद्दे इसमें बाधक हैं। इसमें कई क्षेत्रों की आय के आंकड़े शामिल नहीं हो पाते हैं। इसके चलते इस वृद्धि दर के आंकड़े और नीचे आने की संभावना बरकरार है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़े अर्थव्यवस्था के बारे में अधिक स्थिति साफ करेंगे। इसलिए पूरे चालू वित्त वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था में गिरावट का रुख रहने की संभावना है।
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