विदेश की खबरें | भारतीय चिकित्सक ने यूक्रेन में फंसे पालतू जगुआर, तेंदुए को बाहर निकालने का भारत से आग्रह किया

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लंदन, पांच अक्टूबर यूक्रेन में रूसी हमले के बाद अपने पालतू जगुआर और तेंदुए को वहां छोड़कर देश से बाहर निकलने पर मजबूर हुए एक भारतीय चिकित्सक ने भारत सरकार से उसके पालतू जानवरों को बचाने का आग्रह किया है।

जगुआर कुमार के नाम से जाने जाने वाले डॉ. गिडिकुमार पाटिल ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने जगुआर यश और मादा तेंदुए सबरीना को बचाना है।

मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले पाटिल (42) को आय के वैकल्पिक स्रोत की तलाश में देश से बाहर जाना पड़ा था। उन्होंने अपने पालतू जानवरों को पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क में एक स्थानीय किसान के पास छोड़ा है।

कीव में भारतीय दूतावास पाटिल की मदद नहीं कर पाया, जिसके बाद उन्होंने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

पोलैंड के वारसा में रह रहे पाटिल ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मेरा विनम्र संदेश है कि इन जानवरों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए और उन्हें तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सर्वश्रेष्ठ समाधान खोजने पर विचार किया जाए और इस दिशा में तेजी से काम किया जाए।’’

पाटिल ने कहा कि वह अपने पालतू जानवरों के बिछड़ जाने से बहुत दुखी हैं, उन्हें उनकी बहुत याद सताती है और उनके कुशल-क्षेम की चिंता होती है, जिसके कारण वह स्वयं को कभी-कभी अवसादग्रस्त महसूस करते हैं।

पाटिल ने इन दोनों जानवरों को करीब दो साल पहले कीव स्थित एक चिड़ियाघर से खरीदा था और वह तभी से उनकी देखभाल कर रहे हैं।

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