विदेश की खबरें | भारत-ब्रिटेन वैज्ञानिक साझेदारियों के रास्ते में आने वाली लालफीताशाही में कटौती के लिए समझौता करेंगे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए ब्रिटेन की पांच दिवसीय यात्रा पर बुधवार को यहां पहुंचे।
लंदन, 26 अप्रैल विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए ब्रिटेन की पांच दिवसीय यात्रा पर बुधवार को यहां पहुंचे।
वह अपने ब्रिटिश समकक्ष के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके यात्रा की शुरुआत करेंगे।
नए एमओयू के दायरे में आने वाले कार्यक्रमों पर मंत्री स्तरीय विज्ञान और नवाचार परिषद की बैठक में सहमति बनेगी। इसमें एक नए ‘ब्रिटेन-भारत नेट जीरो इनोवेशन वर्चुअल सेंटर’ की स्थापना शामिल होगी जो औद्योगिक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने पर ध्यान केंद्रित करेगा और पहली बार ब्रिटिश-भारत वैज्ञानिक गहन समुद्री यात्रा की शुरुआत की जाएगी।
डॉ. सिंह ने ट्वीट किया, “यह यात्रा वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप्स, उद्योग और शिक्षा से लेकर विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के पैमाने को बढ़ाने का प्रयास करती है।”
लंदन में ब्रिटिश संसद परिसर में ब्रिटेन के विज्ञान मंत्री जॉर्ज फ्रीमैन के साथ बैठक के बाद, उनका दोनों देशों के बीच अनुसंधान पर संयुक्त समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का कार्यक्रम है। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि यह एमओयू विज्ञान की दो महाशक्तियों के बीच विषय पर त्वरित और गहन सहयोग को सक्षम करेगा जो आर्थिक विकास को गति देगा, कुशल रोजगार सृजित करेगा और ब्रिटेन, भारत तथा दुनिया भर में जीवन में सुधार करेगा।
विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग ने कहा कि यह समझौता प्रमुख साझेदारियों के रास्ते में आने वाली ‘लालफीताशाही’ को हटाएगा।
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