जरुरी जानकारी | एफटीए पर भारत, ब्रिटेन कर रहे हैं गहन विचार-विमर्श: विदेश मंत्रालय
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नयी दिल्ली, सात अक्टूबर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत और ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए गहन चर्चा कर रहे हैं और दोनों पक्ष इसे जल्द से जल्द पूरा करने के इच्छुक हैं।
मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी समझौते के लिए पहले से निर्धारित दीपावली की समय सीमा को पूरा करने में अड़चनें पैदा होने की अटकलों के बीच यह बयान दिया है।
भारत की तरफ से यह टिप्पणी असल में ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन की आव्रजन संबंधी विवादास्पद टिप्पणी के बाद आई है। उन्होंने कहा था कि यह समझौता ब्रिटेन में आव्रजन बढ़ा सकता है और ब्रेक्सिट के लक्ष्यों के खिलाफ जा सकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जैसा कि हमने पहले कहा है, मुक्त व्यापार समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने में दोनों पक्ष दिलचस्पी रखते हैं। मुझे लगता है कि दीपावली का समय एक लक्ष्य के रूप में रखा गया था लेकिन यह केवल एक लक्ष्य ही है।"
उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि इस पर गहन चर्चा चल रही है और यह जारी है।" बागची ने ब्रिटिश मंत्री ब्रेवरमैन की टिप्पणी को लेकर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी।
एफटीए को अंतिम रूप देने के लिए दीवाली की समय सीमा तय की गई थी। इस साल अप्रैल में तत्कालीन ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह लक्ष्य रखा था।
इस बीच, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत एफटीए को लेकर चल रही वार्ताओं में राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योग समेत सभी हितधारकों के साथ गहन परामर्श के बाद एफटीए किया जाता है और सरकार समयसीमा पूरा करने के लिए इस नजरिये से अलग नहीं होगी।
गोयल ने यह बात यहां निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ इस वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में भारत के निर्यात प्रदर्शन की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक में कही।
गोयल ने बैठक में निर्यात की गति को बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि निर्यात वैश्विक बाधाओं को दूर करने में सक्षम होगा और पिछले साल के निर्यात को बड़े अंतर से पीछे छोड़ देगा।
जतिन
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