खेल की खबरें | पेरू के हटने की स्थिति में भारत विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स की मेजबानी के लिए दावा करेगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने शनिवार को कहा कि 2024 विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी से अगर पेरू पीछे हटता है तो भारत ने भोपाल में इसकी मेजबानी के लिए दावेदारी पेश की है।
भुवनेश्वर, 17 जून भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने शनिवार को कहा कि 2024 विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी से अगर पेरू पीछे हटता है तो भारत ने भोपाल में इसकी मेजबानी के लिए दावेदारी पेश की है।
यह हालांकि अभी तक निश्चित नहीं है कि भारत की बोली सफल होगी या नहीं क्योंकि विश्व एथलेटिक्स (डब्ल्यूए) ने हाल ही में सुमरिवाला से कहा है कि पेरू अब भी लीमा में इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने के लिए वापस आ सकता है।
सुमरिवाला ने राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ पेरू पीछे हट गया था, इसलिए विश्व एथलेटिक्स ने एक बोली मांगी थी जिसके लिए हमने आवेदन दिया था। मैंने दो दिन पहले विश्व एथलेटिक्स की बैठक में था और उन्होंने ने मुझे बताया कि पेरू ने कहा है कि वे मेजबान के रूप में वापसी करना चाहते है। अभी स्थिति पूरी तरह से साफ नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें 12-13 अगस्त को विश्व एथलेटिक्स परिषद (जिसका वह खुद भी सदस्य हैं) की बैठक के दौरान इसके बारे में पता चलेगा। अगर पेरू जूनियर चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए राजी हो जाता है, तो विश्व एथलेटिक्स उसके साथ आगे बढ़ेगा। फिर हमें बोली वापस लेनी होगी।’’
पेरू के हटने की स्थिति में जूनियर चैंपियनशिप की मेजबानी के मामले में भी भारत अकेला बोली लगाने वाला नहीं होगा। इसमें चार या पांच अन्य देशों ने भी दिलचस्पी दिखायी है।’’
पेरू को दिसंबर 2021 में 2024 विश्व जूनियर चैंपियनशिप की मेजबानी सौंपी गयी थी। इस साल अप्रैल में उसने राजनीतिक अस्थिरता, सामाजिक अशांति और प्राकृतिक आपदाओं के कारण इस आयोजन की मेजबानी करने में असमर्थता व्यक्त की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस समय भोपाल को मेजबान के तौर पर देख रहे हैं । भोपाल में खेलों के लिए नया बुनियादी ढांचा तैयार हो रहा है। उन्होंने इस स्थल पर निशानेबाजी शूटिंग विश्व कप का आयोजन किया था। उनके पास एक पूर्ण सिंथेटिक ट्रैक है, एक अभ्यास ट्रैक है। इसके फुटबॉल और हॉकी के मैदानों की पहले ही नींव रखी जा चुकी है। हमें उम्मीद है कि अगर भारत को विश्व जूनियर चैंपियनशिप की मेजबानी मिलती है तो ये सुविधाएं तैयार होंगी।’’
यह पूछे जाने पर कि अगर पेरू को मेजबानी का अधिकार वापस मिलता है तो क्या भारत इस द्विवार्षिक चैंपियनशिप के इसके बाद के सत्र के लिए बोली लगा सकता है।
सुमिरवाला ने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि 2026 चैंपियनशिप के लिए एक मेजबान देश पहले से ही है, हम 2028 के बारे में सोच सकते हैं लेकिन इस बारे में कोई फैसला बोली लगाने के समय पर ही करेंगे।’’
सुमरिवाला ने यह भी कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ जूनियर और युवा टीमों के लिए किसी विदेशी को हाई परफार्मेंस निदेशक नियुक्त करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस पद के लिए विज्ञापन दिया है और जर्मनी तथा दूसरे देश से दो उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया है। हमें इस पर अंतिम फैसला करना बाकी है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि फर्राटा धावक कोच एन रमेश अब से राष्ट्रीय जूनियर टीम के कोच होंगे। दुती चंद के कोच रह चुके रमेश हाल ही में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में बतौर कोच कोरिया गए थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)