जरुरी जानकारी | भारत ने नव विकास बैंक की सदस्यता के विस्तार का समर्थन किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत ने नव विकास बैंक (एनडीबी) की सदस्यता का विस्तार करने का समर्थन किया है। इस बैंक की स्थापना भारत और अन्य ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने की थी। भारत ने क्षेत्रीय संतुलन पर भी जोर दिा है।

नयी दिल्ली, नौ नवंबर भारत ने नव विकास बैंक (एनडीबी) की सदस्यता का विस्तार करने का समर्थन किया है। इस बैंक की स्थापना भारत और अन्य ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने की थी। भारत ने क्षेत्रीय संतुलन पर भी जोर दिा है।

रूस की अध्यक्षता में सोमवार को ब्रिक्स के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की पहली बैठक में भाग लेते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सहमति वाले समाधान से कर प्रणाली में निष्पक्षता, समानता और स्थिरता सुनिश्चित हो सकेगी।

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बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वित्त मंत्री ने एनडीबी की सदस्यता का विस्तार करने तथा क्षेत्रीय संतुलन के महत्व पर जोर दिया। अभी ब्रिक्स देश एनडीबी के सदस्य हैं।

बैठक के एजेंडा में 2020 में जी-20 सऊदी प्रेजिडेसी के नतीजों पर विचार-विमर्श शामिल है। यह बुनियादी ढांचा निवेश को प्रोत्साहन देने तथा नव विकास बैंक की सदस्यता के विस्तार के लिए एक डिजिटल मंच है।

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सीतारमण ने कहा कि जी-20 ने इस साल कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।ब्रिक्स के सभी सदस्य इसमें शामिल है। इन पहलों में कोविड-19 को लेकर जी-20 कार्रवाई योजना शामिल है। इससे महामारी के संकट से निपटने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रतिक्रिया के लिए दिशा मिली है। इसके अलावा जी-20 की ऋण के भुगतान पर स्थगन की पहल से कम आय वर्ग के देशों के लिए नकदी की जरूरत पूरा करने में मदद मिली।

वित्त मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देशों ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंताओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह इन पहल से भी पता चलता है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था के कराधान के समाधान के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर सीतारमण ने कहा कि एक सहमति वाले समाधान से कर प्रणाली में निष्पक्षता, समानता और स्थिरता सुनिश्चित हो सकेगी।

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