देश की खबरें | भारत को टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहिए : आठवले

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में वृद्धि को लेकर मंगलवार को पाकिस्तान की आलोचना की और कहा कि चीजों को दुरुस्त करने के लिए भारत को अपने पड़ोसी के साथ आर पार की लड़ाई लड़नी चाहिए।

पुणे, 19 अक्टूबर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में वृद्धि को लेकर मंगलवार को पाकिस्तान की आलोचना की और कहा कि चीजों को दुरुस्त करने के लिए भारत को अपने पड़ोसी के साथ आर पार की लड़ाई लड़नी चाहिए।

आठवले ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत को 24 अक्टूबर को उसके खिलाफ निर्धारित टी20 विश्व कप मैच नहीं खेलना चाहिए।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर (जम्मू कश्मीर) घाटी में पाकिस्तान अपनी हरकतों पर रोक नहीं लगाता है, तो आर पार की लड़ाई होनी चाहिए। जम्मू कश्मीर में, प्रवासी मजदूरों पर हमले हो रहे हैं, स्थानीय कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया जा रहा है। घाटी में विकास नहीं होने देना पाकिस्तान की साजिश है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के आतंकवादी हमलों का सहारा लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार से घाटी में आने वाले कामगारों में डर फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन केंद्र इस तरह की रणनीति का शिकार नहीं बनेगा और आतंकवाद को खत्म करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। पाकिस्तान के खिलाफ एक और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने की जरूरत है और उसे पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) खाली करने तथा आतंकी गतिविधियों को रोकने की जरूरत है।"

दोनों देशों के बीच आगामी टी20 क्रिकेट मैच के बारे में पूछे जाने पर आठवले ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहिए तथा वह इस संबंध में ‘बीसीसीआई’ सचिव जय शाह को अपनी राय से अवगत कराएंगे।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भी जाति आधारित जनगणना के पक्ष में है, हालांकि सरकार का रुख है कि इस तरह के कदम से देश में जातिवाद बढ़ सकता है।

आठवले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि केंद्र विपक्षी दलों और नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, "ये एजेंसियां ​​केंद्र के अधीन हैं लेकिन वे स्वतंत्र तरीके से काम करती हैं। सरकार उन्हें यह नहीं कहती है कि किसे निशाना बनाना है।"

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now