देश की खबरें | भारत 2030 तक 313 अरब अमेरिकी डॉलर का शिक्षा व कौशल बाजार बनने की तरफ अग्रसर : रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एक नई रिपोर्ट के अनुसार, महामारी के दौरान देश में ऑनलाइन शिक्षा और नौकरी में अभूतपूर्व बढौतरी के साथ, भारत जल्द ही 313 अरब अमेरिकी डॉलर का ऑनलाइन शिक्षा बाजार बन जाएगा।

नयी दिल्ली, 18 नवंबर एक नई रिपोर्ट के अनुसार, महामारी के दौरान देश में ऑनलाइन शिक्षा और नौकरी में अभूतपूर्व बढौतरी के साथ, भारत जल्द ही 313 अरब अमेरिकी डॉलर का ऑनलाइन शिक्षा बाजार बन जाएगा।

“इन्वेस्टिंग फॉर इम्पैक्ट: एजुकेशन, स्किल्स एंड एडटेक” शीर्षक वाली रिपोर्ट, 10 विघटनकारी निवेश विचारों के बारे में बात करती है जो भारतीयों के शिक्षा तथा शिक्षा के बाद कौशल प्राप्त करने व प्रशिक्षण सुविधाओं के तरीकों में आमूलचूल बदलाव ला सकती है तथा आधुनिक शैक्षणिक व प्रशिक्षण पद्धतियों के जरिये उन्हें बढ़ावा दे सकती है।

यह 21वीं सदी की शिक्षा और नौकरी के बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मानव पूंजी के विकास और निर्माण के लिए आगे बढ़ने की ओर इशारा करता है।

फेलोशिप और अनुसंधान के माध्यम से भारत में सामाजिक नेतृत्व को बढ़ावा देने वाले एक गैर-लाभकारी मंच, एस्पायर सर्कल द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है, “महामारी के कारण देश में ऑनलाइन शिक्षा और नौकरी के लिये कौशन उन्नयन में अभूतपूर्व उछाल आया है और भारत जल्द ही 313 अरब अमेरिकी डालर का ऑनलाइन शिक्षा बाजार बनने वाला है।”

रिपोर्ट में जिन 10 विचारों की पहचान की गई है, वे प्रौद्योगिकी-सक्षम ‘के-12’ (प्राथमिक से 12वीं तक) शिक्षा, ऑनलाइन परीक्षण तैयारी प्लेटफॉर्म-आधारित समावेश और वहनीयता, पूरक और पाठ्येतर शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और विकास, किफायती शिक्षा ऋण प्लेटफॉर्म, गिग अर्थव्यवस्था और माइक्रोटास्किंग (अल्पावधि या अनुबंध पर काम के लिए रखना), किफायती छात्र आवास, शिक्षा और कौशल में अभिनव वित्त, रोजगार योग्यता कौशल के लिए सूक्ष्म और वैकल्पिक साख, और सामाजिक और भावनात्मक शिक्षा हैं।

‘एजुकेट गर्ल्स’ की संस्थापक सफीना हुसैन ने कहा, “कोविड-19 के दौरान, लगभग 15 करोड़ लड़कियां सीधे तौर पर स्कूल बंद होने से प्रभावित हुईं, ग्रामीण भारत में लगभग नौ करोड़ लड़कियों के पास पढ़ने के लिये कोई खास अवसर नहीं था।”

उन्होंने कहा, “अगर इन लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित पहुंच प्रदान की जाती है, जो कि किफायती शिक्षा ऋण प्लेटफार्मों, छात्र आवास, पाठ्येतर और पूरक शिक्षा, और सामाजिक और भावनात्मक शिक्षा में पर्याप्त निवेश द्वारा समर्थित है, जैसा कि इस रिपोर्ट में बताया गया है, तो यह एक लंबा रास्ता तय करेगा। उस प्रभाव को उपलब्ध करने में जिसकी इस समय बहुत आवश्यकता है।”

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