देश की खबरें | भारत सभी को उच्च गुणवत्ता एवं कम खर्च वाली स्वास्थ सेवा प्रदान करने को प्रयासरत : मांडविया
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नयी दिल्ली, 13 जनवरी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को कहा कि भारत हर व्यक्ति को उच्च गुणवत्ता एवं कम खर्च वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का लगातार प्रयास कर रहा है और वसुधैव कुटुम्बकम के मंत्र के आधार पर उसने दुनिया के इच्छुक देशों को टीका संबंधी डिजिटल मंच कोविन साझा किया।
उन्होंने कहा कि एक दूसरे पर निर्भर विश्व में स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिये स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों में बदलाव की जरूरत है ताकि गुणवत्ता बनाये रखते हुए स्थानीय स्तर एवं ‘‘वैश्विक दक्षिण क्षेत्र’’ के वंचित समुदायों तक वहनीय एवं सस्ती स्वास्थ्य सेवा मुहैया करायी जा सके।
मांडविया ने ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ’ डिजिटल शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन स्वास्थ्य मंत्रियों के एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ कोविड-19 ने हमें बताया है कि हम एक दूसरे पर निर्भर विश्व में रह रहे हैं और जब सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति के प्रबंधन की बात आती है तब हम सभी असुरक्षा की स्थिति में होते हैं।’’
उन्होंने कहा कि महामारी ने स्वास्थ्य प्रणाली में वर्तमान चुनौतियों को भी रेखांकित किया है और इसमें आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत बतायी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति की व्यवस्था और आधारभूत ढांचे का निर्माण हमारे दीर्घकालिक लचीली स्वास्थ्य प्रणाली तैयार करने का केंद्रीय आयाम है ताकि भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों को लेकर तैयारी के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बनाये रखा जा सके।
मांडविया ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में क्षेत्रीय विनिर्माण नेटवर्क समर्थित कम खर्च वाले अनुसंधान की व्यवस्था को बढ़ावा देना जरूरी है।
उन्होंने दुनियाभर में मरीजों को मूल्य आधारित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए ‘हील इन इंडिया’ पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य समता सुनिश्चित करने की जरूरत है, खासतौर पर ‘‘वैश्विक दक्षिण क्षेत्र’’ में।
उन्होंने कहा कि भारत ने जी20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘‘वैश्विक दक्षिण’’ की आवाज और सहयोग के महत्व को रेखांकित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ जी20 की भारत की अध्यक्षता में डिजिटल स्वास्थ्य पहल मुख्य प्राथमिकता होगी।’’
मांडविया ने चिकित्सा के क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता, भारत के टीका मंच कोविन को दुनिया के साथ साझा करने के साथ ही आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग आदि के महत्व को भी रेखांकित किया।
उन्होंने कोविड-19 महामारी के प्रबंधन में भारत की यात्रा का जिक्र करते हुए इसे मील का पत्थर करार दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘ हमने कोविड रोधी टीके की 2.2 अरब खुराक दी। 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 90 प्रतिशत लोगों को टीके की दूसरी खुराक दी गई। वहीं, 22 करोड़ लोगों को टीके की एहतियाती खुराक दी गई ।’’
उन्होंने कहा कि भारत के अनुभव ने इस बात की पुन: पुष्टि की है कि प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के क्षमता निर्माण के साथ डिजिटल प्रौद्योगिकी का संयोग आगे का रास्ता है।
मांडविया ने विभिन्न देशों में स्वास्थ सेवा पेशेवरों के क्षमता निर्माण के लिये प्रशिक्षण सहयोग प्रदान करने में भारत के योगदान का भी उल्लेख किया।
दीपक
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