देश की खबरें | भारत सशस्त्र बलों के लिए दुनियाभर से आधुनिक प्रौद्योगिकी ला रहा है :प्रधानमंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत और चीन के बीच तनाव के माहौल में लद्दाख के औचक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सेना के जवानों से कहा कि सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिकता है और सीमा पर बुनियादी ढांचों पर खर्च लगभग तीन गुना हो गया है।
लेह/नयी दिल्ली, तीन जुलाई भारत और चीन के बीच तनाव के माहौल में लद्दाख के औचक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सेना के जवानों से कहा कि सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिकता है और सीमा पर बुनियादी ढांचों पर खर्च लगभग तीन गुना हो गया है।
मोदी ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आधुनिक हथियारों का उत्पादन कर रहा है और सशस्त्र बलों के लिए दुनियाभर से आधुनिक प्रौद्योगिकी ला रहा है। सरकार उनकी जरूरतों पर बहुत ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत धरती, वायु तथा पानी पर अपनी शक्ति बढ़ा रहा है तो यह मानवता के कल्याण के लिए है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘भारत आज आधुनिक हथियारों का उत्पादन कर रहा है। हम सशस्त्र बलों के लिए दुनियाभर से आधुनिक प्रौद्योगिकी ला रहे हैं। इसके पीछे यही भावना है। अगर भारत तेज गति से आधुनिक ढांचे का निर्माण कर रहा है तो इसके पीछे यही संदेश है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सशस्त्र बलों के लिए आधुनिक हथियार लाने पर बहुत ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘अब देश में सीमा पर अवसंरचना पर हो रहा खर्च लगभग तीन गुना हो गया है। इससे भी सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलों के निर्माण तथा सड़क बिछाने समेत विकास के काम तेजी से हो रहे हैं।’’
मोदी ने कहा, ‘‘इसका सबसे बड़ा लाभ है कि अब आपके पास कम समय में सामान पहुंच जाता है। देश अपने सशस्त्र बलों को आज हर स्तर पर मजबूती प्रदान कर रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने जवानों की बहादुरी और साहस की भी प्रशंसा की और कहा कि वे चुनौतीपूर्ण हालात में देश की सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आपका साहस उन ऊंचाइयों से भी ऊंचा है जहां आज आप सेवा दे रहे हैं। जब देश की सुरक्षा आपके हाथों में है तो एक विश्वास है। न केवल मैं, बल्कि पूरा देश आप पर भरोसा करता है। हम सब को आप पर गर्व है।’’
चीन के साथ सीमा पर गतिरोध के बीच रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को 38,900 करोड़ रुपये की लागत से 33 फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों, बड़ी संख्या में मिसाइल प्रणाली और अन्य सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी है।
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