जरुरी जानकारी | भारत अंतरिम व्यापार समझौते में अमेरिका से 26 प्रतिशत शुल्क से पूरी रियायत के पक्ष में
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत और अमेरिका आठ जुलाई से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा कर सकते हैं, जिसमें भारत ने घरेलू उत्पादों पर अतिरिक्त 26 प्रतिशत सीमा शुल्क से पूरी छूट की मांग रखी है। एक सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 21 मई भारत और अमेरिका आठ जुलाई से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा कर सकते हैं, जिसमें भारत ने घरेलू उत्पादों पर अतिरिक्त 26 प्रतिशत सीमा शुल्क से पूरी छूट की मांग रखी है। एक सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अमेरिका ने दो अप्रैल को भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 26 प्रतिशत जवाबी शुल्क लगाया था। हालांकि, कुछ दिन बाद ही इसे तीन माह के लिए यानी नौ जुलाई तक स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, अमेरिका द्वारा लगाया गया 10 प्रतिशत का बुनियादी शुल्क लागू है।
अधिकारी ने कहा कि अपने संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा के लिए भारत का प्रयास है कि अंतरिम व्यापार समझौते में कुछ कोटा या न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) को शामिल किया जाए। ऐसे क्षेत्रों में कृषि उत्पाद और डेयरी शामिल हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल व्यापार समझौते पर वार्ता को गति देने के लिए इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका दौरे पर पहुंचे थे। उन्होंने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर और अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के साथ बैठकें कीं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘समझौते पर बातचीत सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही है। हम समझौते के पहले चरण से पूर्व एक अंतरिम समझौते को आठ जुलाई से पहले पूरा करने पर विचार कर रहे हैं। इसमें सामान, गैर-शुल्क बाधाएं, डिजिटल सेवाओं के कुछ क्षेत्र भी शामिल होंगे। हम कोशिश कर रहे हैं कि भारत के लिए 26 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क और 10 प्रतिशत बुनियादी शुल्क न हो।’’
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत कपड़ा और चमड़ा जैसे अपने श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए भी अमेरिकी प्रशासन से रियायतों की मांग कर रहा है।
हालांकि, ट्रंप प्रशासन को सीमा शुल्क की दरें ‘सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र’ (एमएफएन) के लिए निर्धारित दरों से नीचे लाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस से अनुमोदन की जरूरत होगी। लेकिन अमेरिकी प्रशासन के पास भारत सहित कई देशों पर लगाए गए जवाबी सीमा शुल्क को हटाने का अधिकार है।
भारत प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का पहला चरण इस साल सितंबर-अक्टूबर तक पूरा करना चाहता है। वह इसमें अपने श्रम-प्रधान क्षेत्र के लिए शुल्क रियायतों पर अमेरिका से कुछ प्रतिबद्धताओं की मांग कर सकता है।
दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बीटीए को काफी अहम माना जा रहा है।
भारत और अमेरिका के बीच मंत्रिस्तरीय बैठकों के बाद मुख्य वार्ताकारों के बीच विचार-विमर्श शुरू हुआ, जो 22 मई तक जारी रहेगा।
दोनों देशों के अधिकारी चाहते हैं कि उच्च सीमा शुल्क पर 90 दिन के लिए लगाई गई रोक की अवधि पूरा होने के लिए एक अंतरिम समझौता हो जाए।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 21, 2025 06:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

