जरुरी जानकारी | भारत, यूरोपीय का रिश्तों को नई ऊंचाई देने का संकल्प, व्यापार मुद्दों करेंगे उच्च स्तरीय वार्ता

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत और 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ (ईयू) ने बुधवार को व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिये उच्च स्तर पर बातचीत शुरू करने का निर्णय किया।

नयी दिल्ली, 15 जुलाई भारत और 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ (ईयू) ने बुधवार को व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिये उच्च स्तर पर बातचीत शुरू करने का निर्णय किया।

साथ ही दोनों पक्षों ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा और स्वास्थ्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प जताते हुए मुक्त व्यापार समझौतै को लेकर लंबे समय से लंबित मतभेदों को दूर करने का फैसला किया।

यह भी पढ़े | Rajasthan political crisis: सियासी संकट के बीच कांग्रेस कमेटी की प्रदेश कार्यकारिणी के साथ सभी विभाग भंग.

वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये हुए शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों ने रणनीतिक भागीदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिये पंचवर्षीय रूपरेखा भी पेश किया। दोनों ने अलग से समुद्री मुद्दों पर बातचीत की व्यवस्था स्थपित करने की घोषणा की तथा पुनर्चक्रण के जरिए संसाधनों के अधिकतम उपयोग वाले चक्रीय आर्थिक मॉडल (सर्कुलर मॉडल) की दिशा में बढ़ने के लिये घोषणा पत्र जारी किया।

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप ने कहा कि भारत का चीन के साथ संबंध का मुद्दा बातचीत में आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के संबंधों के साथ सीमापर मौजूदा स्थिति के बारे में विचार साझा किये।

यह भी पढ़े | COVID-19 Airborne: तीन तरह के होते हैं ड्रॉपलेट, जानिए किससे कितना कोरोना वायरस का है खतरा?.

पाकिस्तान लगातार भारत और अन्य देशों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन कर रहा है। ये भी मुद्दा बातचीत के दौरान उठा।

पंद्रहवें ईयू- भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 संकट के बाद आर्थिक क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर उत्पन्न नई समस्याओं से निपटने के लिये लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापक सहयोग पर जोर दिया।

व्यापार संबंधों पर स्वरूप ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपनी प्रतिबद्धता जतायी और संतुलित, महत्वकांक्षी तथा द्विपक्षीय रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर काम करने को राजी हुए। व्यापार समझौते पर बातचीत अगले कुछ महीनों में शुरू हो सकती है।

प्रस्तावित व्यापक व्यापार और निवेश समझौता (बीआईटीए) पर बातचीत जून 2007 में शुरू हुई। लेकिन दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेदों के कारण बातचीत में अड़चनें आयीं। व्यापार समझौते पर बातचीत 2013 से अटकी हुई है।

संवाददाता सम्मेलन में स्वरूप ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रत्यक्ष विदेश निवेश आकर्षित करने को लेकर भारत की प्राथमिकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नियामकीय परिवेश को उदार बनाने को लेकर निरंतर प्रयास कर रही है।

सचिव के अनुसार मोदी ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान का मकसद भारत में घरेलू उत्पादन को वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था से एकीकृत करना है।’

बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि व्यापार और निवेश पर उच्च स्तरीय वार्ता का मकसद व्यापार और निवेश समझौतों पर प्रगति को आगे बढ़ाना, व्यापार को प्रभावित करने वाले मुद्दों का समाधान और दोनों पक्षों के व्यापारियों तथा निवेशकों के लिये बेहतर स्थिति बनाने के साथ आपूर्ति व्यवस्था पर चर्चा करना है।

इसमें कहा गया है, ‘‘दोनों पक्षों के नेता व्यापार और निवेश रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने को सहमत हुए ताकि खासकर कोविड-19 के बाद आर्थिक पुनरूद्धार के संदर्भ में पूर्ण क्षमता का उपयोग हो और दोनों पक्षों को सतत वृद्धि तथा रोजगार को मदद मिले।’’

यह पूछे जाने पर कि बातचीत के दौरान क्या जम्मू कश्मीर और नागरिकता संशोधन कानून के संदर्भ में मानवाधिकार का मुद्दा उठा, स्वरूप ने कहा कि यूरोपीय संघ की तरफ से इसका जिक्र किया गया और उन्होंने इसके समाधान के लिये भारतीय संस्थानों के प्रति भरोसा जताया।

आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों पक्षों ने विभिन्न रूपों में आतंकवाद और उसके वित्त पोषण समेत उसके सभी रूपों से निपटने को लेकर मजबूत प्रतिबद्धता जतायी।

दोनों पक्षों ने संगठित अपराध और आतंकवाद को रोकने तथा निपटने के लिये भारत और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की जांच एजेंसियों की मदद को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और यूरोपोल के बीच कामकाज की व्यवस्था को लेकर बातचीत शुरू होने का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में दोनों पक्षों के बीच समयबद्ध तरीके से संबंधों के आगे और विस्तार के लिए एक ‘‘कार्रवाई- उन्मुख’’ एजेंडा तैयार किये जाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री कहा कि वह ईयू के साथ भारत के संबंधों को बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आपसी रिश्तों को बढ़ावा देने के लिये एक दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिये।

उन्होंने ईयू और भारत को ‘स्वाभाविक भागीदार’ बताते हुये कहा कि यह भागीदारी दुनिया में शांति और स्थायित्व के लिये फायदेमंद है।

मोदी ने कहा, ‘‘भारत और यूरोपीय संघ दोनों ही सार्वभौमिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं। दोनों की लोकतंत्र, बहुलवाद, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का सम्मान, समावेशी, बहुपक्षवाद, स्वतंत्रता और पारदर्शिता जैसे मूल्यों में आस्था है।’’

उन्होंने नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर विभिन्न दबाव के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत- ईयू की भागीदारी आर्थिक पुनर्निमाण और मानव- केन्द्रित वैश्वीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

रूपरेखा, 2025 में दोनों पक्षों ने समुद्री क्षेत्र में आजादी को संरक्षित रखने, खुलेपन और समावेशी रूख के लिये हिंद महासागर के साथ-साथ प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बनाये रखने के लिये साथ मिलकर काम करने का संकल्प जताया।

दस्तावेज में संबंधों को बढ़ाने के लिये बाह्य अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा, अनुसंधान तथा नवप्रवर्तन, व्यापार और निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण समेत विभिन्न क्षेत्रों का जिक्र किया गया है।

संयुक्त बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने खुले, मुक्त, स्थिर और सुरक्षित साइबरस्पेस के लिये पूर्ण समर्थन की पुष्टि की।

शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स माइकल और यूरोपीय आयोग की अध्यक्षा ऊर्सुला वान डेर लेयेन ने किया।

ईयू भारत के लिये रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण समूह है। ईयू एक समूह के तौर पर 2018 में भारत का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार था। वर्ष 2018- 19 में भारत का ईयू के साथ द्विपक्षीय व्यापार 115.6 अरब डालर का रहा। इसमें भारत से निर्यात 57.17 अरब डालर और आयात 58.42 अरब डालर का रहा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs Zimbabwe, T20 World Cup 2026 48th Match Scorecard: चेन्नई में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे के सामने रखा 257 रनों का टारगेट, अभिषेक शर्मा ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

Australia Women vs India Women, 2nd ODI Prediction: अहम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया महिला को हराकर सीरीज बराबर करना चाहेगी भारत महिला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

Australia Women vs India Women, 2nd ODI Weather Update: होबार्ट में ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला मुकाबले में मौसम बनेगा अहम फैक्टर या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मौसम का हाल

Australia Women vs India Women, 2nd ODI 2026 Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला के बीच दूसरा वनडे? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

\