जरुरी जानकारी | भारत ने एफटीए के तहत ब्रिटेन की वाइन पर शुल्क कटौती नहीं की, बीयर पर सीमित रियायत

नयी दिल्ली, 11 मई भारत ने एफटीए के तहत ब्रिटेन की वाइन पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है, जबकि बीयर पर सीमित आयात शुल्क लाभ दिया जा रहा है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

दोनों देशों ने छह मई को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी।

इसके अलावा भारत जिन संवेदनशील कृषि उत्पादों पर कोई आयात शुल्क कटौती नहीं करेगा, उनमें डेयरी उत्पाद, सेब, पनीर, जई, पशु और वनस्पति तेल शामिल हैं।

अधिकारी ने कहा, ''व्यापार समझौते में कई अन्य कृषि उत्पादों के साथ ही वाइन भी बहिष्कृत सूची में है। हम ब्रिटिश बीयर पर भी केवल सीमित शुल्क रियायत दे रहे हैं।''

इस एफटीए से भारत में ब्रिटेन की स्कॉच व्हिस्की और कार सस्ती हो जाएंगी। दूसरी ओर ब्रिटेन भारत से आने वाले परिधान और चमड़े के सामान जैसे उत्पादों पर आयात शुल्क कम कर देगा।

समझौते के अनुसार, भारत ब्रिटेन की व्हिस्की पर शुल्क को 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत और समझौते के 10वें वर्ष तक 40 प्रतिशत कर देगा।

ब्रिटेन को वाइन पर शुल्क रियायत न देना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यूरोपीय संघ इस क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी है। अगर ब्रिटेन को आयात शुल्क में रियायत दी जाती, तो यूरोपीय संघ की ओर से अपनी वाइन पर इसी तरह की शुल्क कटौती के लिए दबाव बढ़ जाता।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)