जरुरी जानकारी | भारत ने यूरोपीय संघ से झींगा निर्यात की मंजूरी सूचीबद्ध कंपनियों को देने की मांग रखी
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नयी दिल्ली, 28 जुलाई भारत ने यूरोपीय संघ से झींगे के निर्यात के लिए हाल ही में सूचीबद्ध मत्स्यपालन कंपनियों को मंजूरी देने और सीमा निगरानी चौकी पर नमूना लेने की जरूरत को 50 प्रतिशत से कम करने की मांग की है।
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला ने बृहस्पतिवार को यहां पर्यावरण, महासागर और मत्स्य पालन के लिए यूरोपीय आयुक्त वर्जिनिजस सिंकेविसियस के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में इन मुद्दों को उठाया।
सरकार की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, "इस बैठक में मत्स्य पालन और जलीय कृषि पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।"
इस बैठक में रूपाला ने यूरोपीय संघ से अनुरोध किया कि वह सीमा निगरानी चौकी पर भारत के फार्म वाले झींगे के संदर्भ में नमूना जुटाने की जरूरत को 50 प्रतिशत के मौजूदा स्तर से घटाकर 10 प्रतिशत के पुराने स्तर पर कर दे।
उन्होंने गैर-सूचीबद्ध मत्स्य पालन प्रतिष्ठानों को फिर से सूचीबद्ध करने और भारत से यूरोपीय संघ को जलीय कृषि झींगा के निर्यात के लिए हाल ही में सूचीबद्ध मत्स्य कंपनियों को अनुमति देने का भी अनुरोध किया।
बयान के मुताबिक, यूरोपीय संघ के अनुरोध पर दोनों पक्ष बंदरगाह राज्य माप समझौते, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में मत्स्य पालन पर सब्सिडी से जुड़े मुद्दों और अवैध एवं गैर-विनियमित ढंग से मछली पकड़ने जैसे मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत के लिए सहमत हुए।
इसके अलावा यूरोपीय संघ से भारत-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) के किसी भी खंड में शामिल होने का भी अनुरोध किया गया।
प्रेम
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