नयी दिल्ली, 24 जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर होने वाले हमलों की घटनाओं की निरंतर निगरानी और रिकॉर्ड रखता है, जिनमें व्यक्तियों, उनके घरों, व्यवसायों और पूजा स्थलों पर हमले शामिल हैं।
विदेश राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर होने वाले हमलों की घटनाओं की निरंतर निगरानी और रिकॉर्ड रखती है, जिनमें व्यक्तियों, उनके घरों, व्यवसायों और पूजा स्थलों पर हमले शामिल हैं।’’
सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने सभी संगत अवसरों पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा बांग्लादेश के प्राधिकारियों के समक्ष, उच्चतम स्तर पर भी, लगातार उठाया है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार की यह अपेक्षा है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इन घटनाओं की गहन जांच करेगी और अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हत्या, आगजनी और हिंसा के सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएगी।’’
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों सहित बांग्लादेश के सभी नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी बांग्लादेश सरकार की है।
सिंह ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि तथाकथित 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा’ (सीपीईसी) पर सरकार का रुख स्पष्ट और सुसंगत है।
उन्होंने कहा, ‘‘सीपीईसी जो 'ओबीओआर/बीआरआई' की एक प्रमुख परियोजना के रूप में शामिल है और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले, भारत के केंद्र शासित प्रदेशों लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कुछ भागों से होकर गुजरता है, पर संबंधित पक्षों के समक्ष लगातार विरोध जताया है और उनसे इन गतिविधियों को बंद करने का अनुरोध किया है।’’
सिंह ने कहा कि किसी भी तीसरे देश की प्रस्तावित सहभागिता या तथाकथित सीपीईसी परियोजनाओं का तीसरे देशों तक विस्तार अस्वीकार्य है तथा सरकार ने संबंधित पक्षों को लगातार इस रुख से अवगत कराया है।
उन्होंने कहा कि सरकार भारत की सुरक्षा को प्रभावित डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर लगातार नज़र रखती है और इसकी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करती है।
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