जरुरी जानकारी | अमेरिका से शैल गैस, एलएनजी, कच्चे तेल का आयात कर सकता है भारत: अधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत का अमेरिका को निर्यात बढ़ रहा है और वह अपने आयात में विविधता लाने के लिए अमेरिका से शैल गैस, एलएनजी और कच्चे तेल जैसे उत्पादों का आयात बढ़ा सकता है। इसका कारण अमेरिका में इन वस्तुओं की कीमतों का कम होना है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, चार जून भारत का अमेरिका को निर्यात बढ़ रहा है और वह अपने आयात में विविधता लाने के लिए अमेरिका से शैल गैस, एलएनजी और कच्चे तेल जैसे उत्पादों का आयात बढ़ा सकता है। इसका कारण अमेरिका में इन वस्तुओं की कीमतों का कम होना है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
दोनों देशों के अधिकारी प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर इस सप्ताह यहां अगले दौर की बातचीत शुरू करेंगे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि, भारत अमेरिका के साथ एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की तलाश कर रहा है, लेकिन अन्य देशों की तुलना में हमें जो मिलता है, वह निर्धारित करेगा कि हम समझौते में आखिरकार क्या अंतिम रूप देते हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या नौ जुलाई से पहले किसी तरह के अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बन सकती है, अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में बहुत सारी अनिश्चितताएं हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की इस्पात पर शुल्क बढ़ाने की योजना और शुल्क पर अमेरिकी अधिकारियों के फैसले के खिलाफ अदालत के आदेश पर रोक जैसे घटनाक्रम हैं।
उन्होंने कहा कि लेकिन अनिश्चितताओं के बीच, भारत को ऐसे रास्ते तलाशने होंगे जो देश के लिए अच्छे हों।
अधिकारी ने कहा, ‘‘निर्यात बढ़ रहा है...ऐसी कई चीजें हैं जिन्हें हम अमेरिका से खरीद सकते हैं। उदाहरण के लिए शैल गैस, एलएनजी, कच्चा तेल। हमारे स्रोत जितने विविध होंगे, हमारे लिए उतना ही अधिक लाभ होगा। अमेरिका में कीमतें भी कम हैं।’’
अधिकारी ने कहा कि अमेरिका भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और भारत के पक्ष में व्यापार अधिशेष की स्थिति है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में नौकरियां अमेरिका को होने वाले निर्यात से जुड़ी हैं।
भारत ने पहले ही इस्पात और एल्युमीनियम पर अमेरिकी शुल्क के विरुद्ध जवाबी शुल्क लगाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखा है। इसने वाहन कलपुर्जों पर अमेरिकी शुल्क लगाये जाने को लेकर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) नियमों के तहत परामर्श भी मांगा है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत और अधिक उत्पादों में इसी तरह के उपाय करने पर विचार कर रहा है, अधिकारी ने कहा कि भारत अपने हितों की रक्षा करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम देखेंगे कि भारत के लिए क्या अच्छा है... उसके अनुसार, हम निर्णय लेंगे। अदालत के आदेश के कारण आज बहुत अनिश्चितताएं हैं... हम चर्चा करेंगे कि इन मुद्दों को कैसे हल किया जाए...।’’
रमण अजय
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 04, 2025 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

