भारत तबलीगी जमात के विदेशी सदस्यों को ऑनलाइन राजनयिक पहुंच दे सकता है
सरकारी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि सरकार ऑनलाइन मंच के जरिए तबीलीगी जमात के विदेशी सदस्यों को राजनयिक पहुंच देने पर विचार कर रही है।
नयी दिल्ली, 14 मई भारत को कई देशों से तबलीगी जमात से जुड़े अपने नागरिकों तक राजनयिक पहुंच के लिए अनुरोध मिले हैं। ये नागरिक वीजा नियमों का उल्लंघन कर तबलीगी जमात के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
सरकारी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि सरकार ऑनलाइन मंच के जरिए तबीलीगी जमात के विदेशी सदस्यों को राजनयिक पहुंच देने पर विचार कर रही है।
सैकड़ों भारतीयों और विदेशी नागरिकों ने मार्च में दिल्ली में तबलीगी जमात के इज्तिमे में हिस्सा लिया था। उन्होंने कोरोना वायरस के मद्देनजर बड़ी सभाओं पर लगी रोक को नजरअंदाज किया था।
इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले काफी लोग बाद में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे।
इससे पहले सरकारी सूत्रों ने कहा कि अगर यह पाया जाता है कि विदेशी नागरिकों ने वीजा नियमों का उल्लंघन कर कार्यक्रम में शिरकत की थी तो उन्हें दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
विदेश मंत्रालय पहले ही उन देशों में भारतीय मिशनों को यह जानकारी दे चुका है, जहां से वे आए हैं।
भगोड़े जाकिर नाइक को मलेशिया से प्रत्यर्पण कर लाने के सवाल पर सूत्रों ने बताया कि भारत कुआलालंपुर के समक्ष मामले को उठाता रहा है।
भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए पिछले साल जनवरी में मलेशिया से आधिकारिक तौर पर अनुरोध किया था।
अमेरिका द्वारा तालिबान से बातचीत के भारत पर दबाव बनाने के सवाल पर सूत्रों ने कहा कि भारत के इस मुद्दे पर अपने विचार और नीति है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)