जरुरी जानकारी | वैश्विक कपड़ा, परिधान मूल्य श्रृंखला के लिए अग्रणी गंतव्य के रूप में उभर सकता है भारत : मंत्री

नयी दिल्ली, 14 दिसंबर केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री दर्शना विक्रम जरदोश ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक कपड़ा और परिधान मूल्य श्रृंखला के लिए अग्रणी गंतव्य बनने के लिए भारत के पास कच्चे माल की उपलब्धता, भारी संख्या में श्रमबल और अच्छी तरह से स्थापित उद्योग जैसे अद्वितीय लाभ हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक कपड़ा और परिधान व्यापार पिछले दशक में सामाजिक और भौगोलिक कारकों के कारण विभिन्न उतार-चढ़ाव से गुजरा है।

कपड़ा राज्यमंत्री ने कपड़े पर सीआईआई के सम्मेलन में कहा, ‘‘कच्चे माल की उपलब्धता, विशाल श्रमिक बल, परिपक्व और अच्छी तरह से स्थापित कपड़ा और परिधान उद्योग और मजबूत घरेलू बाजार के कारण भारत को अद्वितीय फायदे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ये अद्वितीय फायदे भारत को वैश्विक कपड़ा और परिधान मूल्य श्रृंखला के लिए अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकते हैं। भारत के पास 40-50 लाख नौकरियां पैदा करने वाले वैश्विक व्यापार के 15 प्रतिशत से अधिक पर कब्जा करने का अवसर है जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा।’’

भारत में कपड़ा और परिधान उद्योग कृषि के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है, जो 4.5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और 10 करोड़ लोगों को संबद्ध उद्योगों में रोजगार प्रदान करता है।

भारत में घरेलू परिधान और कपड़ा उद्योग देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 2.3 प्रतिशत, औद्योगिक उत्पादन में 13 प्रतिशत और निर्यात में 12 प्रतिशत का योगदान देता है। कपड़ा और परिधान के वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी चार प्रतिशत है।

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