देश की खबरें | भारत, ऑस्ट्रेलिया ने समावेशी हिन्द-प्रशांत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्वीकार की है: ओ फेरेल
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नयी दिल्ली, चार अप्रैल ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फेरेल ने सोमवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत ने शांतिपूर्ण एवं समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने की साझा जिम्मेदारी स्वीकार की है, जहां सभी देशों के अधिकारों का सम्मान किया जाए, चाहे उनका आकार कुछ भी हो।
उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन पर आक्रमण से क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव पड़ेगा।
उच्चायुक्त ने कहा, "यूरोप में मौजूदा घटनाक्रम हमें गहन रणनीतिक चुनौतियों और दुनिया के समक्ष उत्पन्न विघ्न-बाधाओं से अवगत कराने वाला है। दशकों से शांति और समृद्धि का समर्थन करने वाली व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है।"
उच्चायुक्त ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टिट्यूट द्वारा 'ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों का उदय' विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, "ऑस्ट्रेलिया और भारत ने शांतिपूर्ण एवं समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए साझा जिम्मेदारी स्वीकार की है, एक ऐसा क्षेत्र जहां सभी देशों के अधिकारों का सम्मान किया जाए, चाहे उनका आकार कैसा भी हो।"
उल्लेखनीय है कि हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं, खासकर प्रशांत द्वीप राष्ट्रों के प्रति रवैये चलते।
द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए उच्चायुक्त ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में सात लाख से अधिक भारतीय प्रवासी दोनों देशों के बीच एक "जीवंत सेतु" के रूप में काम कर रहे हैं।
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