जरुरी जानकारी | भारत और अफ्रीका को विकेंद्रीकृत वैश्वीकरण के लिए मिलकर कोशिश करनी चाहिए: जयशंकर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत एवं अफ्रीका को कोविड-19 महामारी से पैदा हुई चुनौतियों से पार पाने और क्षमताओं को बढ़ाने के लिए "विकेंद्रीकृत वैश्वीकरण" की खातिर मिलकर कोशिश करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि आपूर्ति श्रृंखलाओं के बाधित होने पर कमजोर के साथ "ठगी" की जाती है।
नैरोबी, 14 जून विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत एवं अफ्रीका को कोविड-19 महामारी से पैदा हुई चुनौतियों से पार पाने और क्षमताओं को बढ़ाने के लिए "विकेंद्रीकृत वैश्वीकरण" की खातिर मिलकर कोशिश करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि आपूर्ति श्रृंखलाओं के बाधित होने पर कमजोर के साथ "ठगी" की जाती है।
जयशंकर ने यहां प्रतिष्ठित नैरोबी विश्वविद्यालय में महात्मा गांधी स्मारक पुस्तकालय का जीणोद्धार किए जाने के बाद उसका शनिवार को उद्घाटन के दौरान यह टिप्पणी की। वह केन्या के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से तीन दिनों की यात्रा पर शनिवार को नैरोबी पहुंचे।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने " कुछ सीमित देशों" पर निर्भर होने के खतरों को उजागर किया है।
विदेश मंत्री ने कहा, "जब आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित होती हैं और मांग आपूर्ति से ज्यादा होता है तो कमजोर देशों का ठगा जाना तय है।"
उन्होंने कहा, "अफ्रीका ऐसी स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकता। और यह दक्षिण-दक्षिण सहयोग की भावना के खिलाफ जाता है। मैं कहूंगा कि महामारी से मिली सीधी सीख है कि विकेंद्रीकृत वैश्वीकरण की को बढ़ावा दिया जाए।"
जयशंकर ने कहा, "भारत और अफ्रीका को विकेंद्रीकृत वैश्वीकरण के लिए मिलकर कोशिश करनी चाहिए।"
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