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जरुरी जानकारी | भारत, अमेरिका आने वाले हफ्तों में व्यापार समझौते के तहत क्षेत्रवार वार्ता करने पर सहमत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत आने वाले हफ्तों में क्षेत्रवार वार्ता आयोजित करने का फैसला किया है। वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

जरुरी जानकारी | भारत, अमेरिका आने वाले हफ्तों में व्यापार समझौते के तहत क्षेत्रवार वार्ता करने पर सहमत

नयी दिल्ली, 29 मार्च भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत आने वाले हफ्तों में क्षेत्रवार वार्ता आयोजित करने का फैसला किया है। वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

भारत और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों की चार दिवसीय वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया। ये बातचीत शनिवार को यहां समाप्त हुई।

अमेरिका के दक्षिण एवं पश्चिम एशिया के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रैंडन लिंच की अगुवाई में अमेरिकी अधिकारियों की एक टीम वार्ता के लिए भारत दौरे पर आई हुई थी।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, "बीटीए के तहत क्षेत्र विशेषज्ञों के स्तर पर जुड़ाव आने वाले हफ्तों में ऑनलाइन माध्यम से शुरू होंगे और व्यक्तिगत रूप से शुरुआती वार्ता दौर का मार्ग प्रशस्त करेंगे।"

मंत्रालय ने कहा कि निष्पक्षता, राष्ट्रीय सुरक्षा और रोजगार सृजन सुनिश्चित करने वाले विकास को बढ़ावा देने के साझा उद्देश्य को साकार करने के लिए दोनों पक्षों ने यहां चार दिनों की चर्चा की।

इन चर्चाओं के दौरान दोनों पक्षों ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें बाजार पहुंच बढ़ाना, शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना और पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण को गहरा करना शामिल है।

भारत और अमेरिकी अधिकारियों की यह बैठक वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मार्च की शुरुआत में हुई अमेरिकी यात्रा के बाद हुई है। गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर और वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक से मुलाकात की थी।

मंत्रालय ने कहा, "चर्चा का सफल समापन भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने के प्रयासों में प्रगति को दर्शाता है, ताकि दोनों देशों में समृद्धि, सुरक्षा और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके।"

ये कदम व्यवसायों के लिए नए अवसरों को खोलने, द्विपक्षीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने और दोनों व्यापारिक भागीदारों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए तैयार किए गए हैं।

दोनों देशों ने इस बैठक के परिणामों पर संतोष व्यक्त किया और जारी सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

वाणि्ज्य मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष आने वाले महीनों में बीटीए को अंतिम रूप देने के लिए तत्पर हैं ताकि यह समृद्धि, लचीलापन और पारस्परिक लाभ के साझा लक्ष्यों के साथ मेल स्थापित करे।

भारत और अमेरिका इस साल सितंबर-अक्टूबर तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। उन्होंने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 190 अरब डॉलर से दोगुना कर 500 अरब डॉलर करने का लक्ष्य भी रखा है।

अमेरिका ने कुछ औद्योगिक वस्तुओं, वाहन, शराब, पेट्रोकेमिकल उत्पादों, डेयरी, कृषि वस्तुओं में भारत से शुल्क रियायतों की मांग की है जबकि भारत कपड़ा जैसे श्रम-बहुल क्षेत्रों के लिए शुल्क में कटौती पर विचार कर सकता है।

भारतीय उद्योग और निर्यातकों ने सरकार से अमेरिका के जवाबी सीमा शुल्क प्रावधान से बचाने की मांग की है। उन्होंने उन शुल्कों से छूट मांगी है क्योंकि इससे उन्हें बहुत नुकसान होगा क्योंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

अमेरिका चाहता है कि भारत एक बड़े और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर उसके साथ बातचीत करे। वह अमेरिकी व्यवसायों के लिए कृषि क्षेत्र को खोलने की मांग भी कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा होने के कारण कृषि और डेयरी क्षेत्र को व्यापार वार्ता में शामिल करने के लिए तैयार नहीं होगा। वर्ष 2024 में भारत को अमेरिका का कृषि निर्यात 1.6 अरब डॉलर था।

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से सीमा शु्ल्क का मुद्दा लगातार चर्चा के केंद्र में है। ट्रंप ने भारत पर दो अप्रैल से जवाबी सीमा शु्ल्क लगाने की घोषणा की हुई है।

अमेरिका चीन पर पहले ही शुल्क लगा चुका है। इसके अलावा, 12 मार्च से स्टील और एल्युमीनियम पर 25 प्रतिशत का उच्च आयात शुल्क लगाया गया है।

ट्रंप ने 26 मार्च को पूरी तरह से निर्मित वाहनों (सीबीयू) और वाहन कलपुर्जों पर 25 प्रतिशत का व्यापक शुल्क लगाने की भी घोषणा की जो तीन अप्रैल से प्रभावी होने वाला है।

सीमा शुल्क आयात पर लगाए जाने वाले शुल्क हैं जो सरकार द्वारा लगाए और वसूले जाते हैं और विदेशी वस्तुओं को देश में लाने के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान किए जाते हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2025 07:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).