जोहानिसबर्ग, चार सितंबर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा कि एक स्वतंत्र जांच में यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान रूस को दक्षिण अफ्रीकी हथियारों की आपूर्ति करने का कोई भी सबूत नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि इन आरोपों ने अर्थव्यवस्था और दुनिया में अफ्रीकी देशों की स्थिति पर ‘हानिकारक प्रभाव’ पड़ा।
रामफोसा ने रविवार को देश को संबोधित करते हुए कहा कि कई वर्ग द्वारा दिये जा रहे बयानों में यूक्रेन-रूस संघर्ष के प्रति दक्षिण अफ्रीका के रुख पर संदेह जताने के लिए इन आरोपों का इस्तेमाल किया गया है।
ये आरोप पहली बार मई में दक्षिण अफ्रीका में अमेरिकी राजदूत रूबेन ब्रिगेटी ने प्रिटोरिया स्थित अमेरिकी दूतावास में एक प्रेस वार्ता के दौरान लगाए थे।
ब्रिगेटी ने दावा किया कि अमेरिका के पास ऐसी जानकारी है जो दर्शाती है कि रूसी जहाज ‘लेडी आर’ को पिछले साल के अंत में दक्षिण अफ्रीकी तट पर स्थित साइमनस्टाउन के नौसैनिक अड्डे पर खड़ा किया गया था, जिसमें हथियार लदे हुए थे।
रूबेन के बयान के बाद अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के बीच बढ़े तनाव के बीच, दक्षिण अफ्रीका द्वारा अमेरिकी ‘धमकी’ के आगे ना झुकने के बारे में कड़ा बयान जारी करने के उपरांत राजदूत ने बाद में माफी मांग ली थी।
रामफोसा ने आरोपों की सत्यता का पता लगाने के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया और वादा किया कि किसी भी गलत काम का खुलासा होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रामफोसा ने कहा, ‘‘हमारे देश के खिलाफ लगाए गए आरोपों का हमारी मुद्रा, अर्थव्यवस्था और दुनिया में हमारी स्थिति पर हानिकारक प्रभाव पड़ा।’’
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