नयी दिल्ली, सात जुलाई आयकर विभाग ने सरकारी संपत्ति कोषों (एसडब्ल्यूएफ) और वैóश्विक पेंशन कोषों की ओर से भारत के बुनियादी ढांचे में निवेश से प्राप्त पूंजी लाभ आय, ब्याज और लाभांश पर कर छूट की अधिसूचना जारी कर दी है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने छह जुलाई को अधिसूचना के जरिये वित्त अधिनियम 2020 के माध्यम से पेश आयकर कानून की धारा 10 (23 एफई) के तहत आयकर छूट के लिये ‘बुनियादी ढांचे’ में निवेश को भी शामिल कर दिया है। नांगिया एंडरसन एलएलपी के भागीदार अरविंद श्रीवत्सन ने कहा कि यह प्रावधान अबू धाबी निवेश प्राधिकरण, एसडब्ल्यूएफ और पेंशन कोष को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि वे भारत में अपनी प्रतिबद्धता या निवेश बढ़ा सके।
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उन्होंने कहा, ‘‘अधिसूचना के बाद इन निवेशकों द्वारा सीधे या वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) जैसे माध्यमों से निर्धारित 34 बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निवेश इस छूट के लिये पात्र होगा।’’
अधिसूचना एक अप्रैल 2021 से प्रभाव में आएगी और आकलन वर्ष 2021-21 और उसके बाद के आकलन वर्षों पर लागू होगी।
एकेएम ग्लोबल टैक्स पार्टनर अमित महेश्वरी ने कहा कि ‘‘इससे वैश्विक सरकारी सम्पत्ति कोष भारत में दूरसंचार, ऊर्जा, अस्पताल और शीत गृह श्रृंखला जैसे विभिन्न बुनियादी ढांचों के विकास में लगी कंपनियों में निवेश के लिये आकर्षित होंगे।’’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 के बजट में इस छूट की घोषणा की थी।
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