देश की खबरें | पूर्वोत्तर में उग्रवाद की घटनाओं में 74 प्रतिशत की कमी आई: रेड्डी

नयी दिल्ली, पांच जनवरी केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद से जुड़ी घटनाओं में 74 प्रतिशत कमी आई है, सुरक्षा बलों पर हमलों में 60 प्रतिशत तथा आम नागरिकों की मौत के मामलों में 89 प्रतिशत की कमी आई है।

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री रेड्डी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उग्रवादी समूहों से जुड़े करीब 8,000 युवाओं ने आत्मसमर्पण कर दिया है और अपने परिवार तथा खुद के लिए बेहतर भविष्य का स्वागत करते हुए मुख्यधारा में शामिल हो गये हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर में उग्रवाद से जुड़ी घटनाओं में 74 प्रतिशत कमी आई है, सुरक्षा बलों पर हमलों में 60 प्रतिशत तथा आम नागरिकों की मौत के मामलों में 89 प्रतिशत की कमी आई है।’’

रेड्डी ने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर को पहले अशांति, बम हमलों, बंद आदि के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले आठ साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यहां शांति स्थापित हुई है।’’

उन्होंने कहा कि यहां उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये जिनमें 2019 में नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के साथ, 2020 में ब्रू समुदाय और बोडोस से जुड़े समूहों के साथ और 2021 में कार्बी समुदाय से जुड़े समूहों के साथ समझौते किये गये।

उन्होंने कहा कि असम-मेघालय और असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद लगभग सुलझ गया है और शांति बहाल होने के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास के मार्ग पर बढ़ गया है।

रेड्डी ने विकास के संबंध में कहा कि क्षेत्र में 2014 से बजटीय आवंटन में काफी बढ़ोतरी देखी गयी है और तब से क्षेत्र के लिए चार लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि आवंटित की गयी है।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की योजनाओं के तहत पिछले चार साल में वास्तविक व्यय 7,534.46 करोड़ रुपये रहा, वहीं अगले चार साल में 2025-26 तक खर्च के लिए 19,482.20 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं।

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