प्रोत्साहन पैकेज से राजकोषीय घाटे पर 1.29 लाख करोड़ रुपये का पड़ेगा प्रभाव: एसबीआई रिपोर्ट
समाज के कमजोर तबकों को ध्यान में रखकर बृस्पतिवार को की गयी घोषणा के साथ सरकार अब तक कुल 16.45 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान कर चुकी है।
नयी दिल्ली, 15 मई सरकार की कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिये बृस्पतिवार तक की गयी प्रोत्साहन पैकेज की घोषणाओं से चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे पर 0.6 प्रतिशत यानी 1.29 लाख करोड़ रुपये का प्रभाव पड़ेगा। भारतीय स्टेट बैंक की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।
समाज के कमजोर तबकों को ध्यान में रखकर बृस्पतिवार को की गयी घोषणा के साथ सरकार अब तक कुल 16.45 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान कर चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। उसमें से अब करीब 3.54 लाख करोड़ रुपये के कार्यक्रमों की और घोषणा की जानी है।
एसबीआई की इकोरैप रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘बृस्पतिवार को 3.16 लाख करोड़ रुपये की घोषणा में से सरकार का कुल नकद व्यय 14,500 से 14,750 करोड़ रुपये होगा। बृस्पतिवार के पैकेज का राजकोषीय घाटे पर प्रभाव जीडीपी का मामूली 0.07 प्रतिशत होगा।’’
इसमें कहा गया है कि हाल के संकट ने भारत जैसे बड़े देश के लिये बुनियादी ढांचे के महत्व को रेखांकित किया है। इससे केंद्र एवं राज्यों के बीच बेहतर तरीके से व्यवस्थाा काम करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘एक देश, एक राशन कार्ड सही दिशा में उठाया गया कदम है। इससे प्रवासी मजदूरों के साथ उन लोगों को लाभ होगा जिनके पास राशन कार्ड नहीं है।’’
इकोरैप में कहा गया है, ‘‘श्रम कानूनों में बदलाव से जुड़े जो विधेयक संसद में हैं, उसके समुचित रूप से क्रियान्वयन से श्रमिकों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।’’
रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, श्रमिकों के कल्याण के संदर्भ में केंद्र और राज्यों को इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिये मिलकर काम करने की जरूरत है।
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