देश की खबरें | नए संसद भवन का उद्घाटन एक ऐतिहासिक घटना, विपक्ष का कदम निराशाजनक : रावसाहेब दानवे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रावसाहेब दानवे ने शनिवार को कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन एक ऐतिहासिक घटना है और यह निराशाजनक है कि विपक्ष ने इसका बहिष्कार करने का फैसला किया है।
जालना, 27 मई केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रावसाहेब दानवे ने शनिवार को कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन एक ऐतिहासिक घटना है और यह निराशाजनक है कि विपक्ष ने इसका बहिष्कार करने का फैसला किया है।
लोकसभा में महाराष्ट्र की जालना सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले दानवे ने रेखांकित किया कि यहां तक कि उच्चतम न्यायालय ने भी इस मामले में एक जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ नया संसद भवन हमारे लोकतंत्र और लोगों की सामूहिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। विपक्ष द्वारा इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का बहिष्कार करना निराशाजनक है। ’’
भाजपा शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने पर केंद्र सरकार के रुख के बारे में पूछे जाने पर दानवे ने कहा कि केंद्र इस पर विचार कर रहा है।
दानवे ने कहा, ‘‘हालांकि, इस मुद्दे पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी, जब तक कि सार्वजनिक जांच के लिए एक मसौदा उपलब्ध नहीं कराया जाता। समय आने पर मैं इस मामले पर अपने विचार व्यक्त करूंगा। ’’
यूसीसी वर्षों से देश में बहस और चर्चा का विषय रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक रीति-रिवाजों पर आधारित व्यक्तिगत कानूनों की बजाए सभी नागरिकों पर समान नागरिक कानूनों को लागू करना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन करने वाले हैं और कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित करीब 20 विपक्षी दलों ने समारोह का बहिष्कार करने की घोषणा की है। विपक्षी दलों का तर्क है कि संसद के नये भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए।
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