जरुरी जानकारी | एकध्रुवीय दुनिया में भरोसेमंद भारतीय चिप को मिले प्राथमिकताः एपिक फाउंडेशन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी एचसीएल के सह-संस्थापक और एपिक फाउंडेशन के चेयरमैन अजय चौधरी ने कहा है कि भारत को बदलती भू-राजनीति एवं तेजी से एकध्रुवीय होती जा रही दुनिया के बीच सरकारी खरीद के लिए भरोसेमंद भारतीय चिप (सेमीकंडक्टर) के लिए स्पष्ट प्राथमिकता तय करनी चाहिए।
नयी दिल्ली, 27 जनवरी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी एचसीएल के सह-संस्थापक और एपिक फाउंडेशन के चेयरमैन अजय चौधरी ने कहा है कि भारत को बदलती भू-राजनीति एवं तेजी से एकध्रुवीय होती जा रही दुनिया के बीच सरकारी खरीद के लिए भरोसेमंद भारतीय चिप (सेमीकंडक्टर) के लिए स्पष्ट प्राथमिकता तय करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में आरआईएसली-5 चिप प्रौद्योगिकी के विकास के साथ देश पहले ही महत्वपूर्ण प्रगति कर चुका है क्योंकि इससे लाइसेंस शुल्क के भुगतान की जरूरत नहीं रह गई है।
चौधरी ने बयान में कहा, ‘‘हमें भविष्य के प्रतिबंधों से सुरक्षा के लिए आरआईएससी-5 चिप का उपयोग करके अपने खुद के चिप डिजाइन करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि भारत को सरकारी खरीद के लिए भारतीय विश्वसनीय चिप के लिए स्पष्ट प्राथमिकता बनानी चाहिए ताकि बाजार बनाने और स्टार्टअप एवं अन्य को सफल बनाने में मदद मिल सके।
चौधरी ने कहा, ‘‘हमने सरकार को उच्च गुणवत्ता वाले चिप को प्राथमिकता देने और 30 चिप एवं 30 प्राथमिकता वाले उत्पादों की सूची सौंपी है जिनका विकास एवं निर्माण भारत में होना चाहिए। इससे देश के सेमीकंडक्टर और उत्पाद उद्योग दोनों को लाभ होगा।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)