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देश की खबरें | कालागढ़ बांध क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे लोगों को निकालने की योजना पांच मई तक पेश करें: अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पौड़ी जिले के कालागढ़ बांध क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे परिवारों को वहां से हटाने को लेकर योजना पेश करने के लिए राज्य सरकार को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देते हुए पांच मई को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

देश की खबरें | कालागढ़ बांध क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे लोगों को निकालने की योजना पांच मई तक पेश करें: अदालत

नैनीताल, 29 अप्रैल उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पौड़ी जिले के कालागढ़ बांध क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे परिवारों को वहां से हटाने को लेकर योजना पेश करने के लिए राज्य सरकार को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देते हुए पांच मई को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को पांच मई तक हलफनामा दाखिल कर वन एवं सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर रह रहे लोगों को वहां से हटाने की योजना के बारे में विस्तार से बताने को निर्देश दिया।

बांध का ज्यादा हिस्सा हालांकि उत्तर प्रदेश में पड़ता है। उत्तराखंड के हिस्से में आने वाला क्षेत्र सिंचाई एवं वन विभाग का है।

मुख्य स्थायी अधिवक्ता सीएस रावत ने बताया कि उच्च न्यायालय को सूचित किया गया कि पीठ द्वारा पूर्व में जारी एक आदेश के अनुपालन में दोनों राज्यों के अधिकारियों ने उक्त आबादी को वहां से हटाने के लिए योजना पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की थी, जिसमें उत्तर प्रदेश ने अपना रुख साफ करते हुए कहा था कि अवैध अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास के लिए उनके प्रदेश में कोई नीति नहीं है।

उन्होंने बताया कि चूंकि अतिक्रमण की गयी भूमि उत्तराखंड के भूभाग में पड़ती है और बांध क्षेत्र में निवास कर रहे लोगों को नोटिस पौड़ी के जिलाधिकारी द्वारा दिए गए हैं, उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को उन्हें वहां से हटाने को लेकर योजना पेश करने के लिए एक और सप्ताह का समय दिया।

मामले में दायर जनहित याचिका के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने 1960 में वन विभाग से कई हजार हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कर बांध के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग को दी थी।

याचिका के मुताबिक, बांध के पूरा होने के बाद बची हुई भूमि वापस कर दी गयी लेकिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने उसमें से कुछ भूमि पर कब्जा कर लिया।

याचिका में बताया गया कि राज्य सरकार ने अब वहां दशकों से रह रहे 213 लोगों को स्थानांतरित करने का फैसला लिया है।

इससे पहले, अदालत ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों के संबंधित अधिकारियों से एक बैठक करने, योजना बनाने तथा उसे जमा करने के लिए 28 अप्रैल का समय दिया था।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2025 04:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).