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बिरला के छह साल के कार्यकाल में डिजटलीकरण और नए सांसदों को अवसर देना रही प्राथमिकता

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के छह साल के कार्यकाल के दौरान भले ही कुछ मौकों पर सदन में गतिरोध देखने को मिला हो, लेकिन संसदीय रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, विशेष विधायी ब्रीफिंग और पहली बार चुने गए सांसदों को मुद्दे उठाने के अवसर देना उनकी पहचान रही है. बिरला तीसरी बार निचले सदन के लिए निर्वाचित हुए हैं.

बिरला के छह साल के कार्यकाल में डिजटलीकरण और नए सांसदों को अवसर देना रही प्राथमिकता
Om Birla (img: tw)

नयी दिल्ली, 28 जून : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के छह साल के कार्यकाल के दौरान भले ही कुछ मौकों पर सदन में गतिरोध देखने को मिला हो, लेकिन संसदीय रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, विशेष विधायी ब्रीफिंग और पहली बार चुने गए सांसदों को मुद्दे उठाने के अवसर देना उनकी पहचान रही है. बिरला तीसरी बार निचले सदन के लिए निर्वाचित हुए हैं. उन्हें पिछले साल 26 जून को 18वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में फिर से चुना गया था और इस सप्ताह की शुरुआत में उन्होंने निचले सदन के पीठासीन अधिकारी के रूप में छह साल पूरे किए. लोकसभा अध्यक्ष ने हाल ही में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "18वीं लोकसभा के पहले वर्ष में 104 प्रतिशत कार्य उत्पादकता दर्ज की गई है. प्रमुख कानूनों को मंजूरी देने के लिए सदन की बैठक आधी रात तक चली."

उन्होंने यह भी कहा था कि 18वीं लोकसभा ने पिछले एक साल के दौरान निचले सदन की 372 घंटे की बैठकों के दौरान वक्फ (संशोधन) विधेयक, आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक और आव्रजन और विदेशी विधेयक सहित 24 विधेयक पारित किए. बिरला 19 जून, 2019 को पहली बार लोकसभा अध्यक्ष चुने गए थे. लोकसभा अध्यक्ष के रूप में उनका दूसरा कार्यकाल पिछले साल 26 जून को शुरू हुआ. बिरला ने कहा कि सदस्यों को सदन में अविलंब लोक महत्व के मुद्दों को उठाने की अनुमति देना उनकी प्राथमिकता रही है और इस साल तीन अप्रैल को एक रिकॉर्ड बनाया गया था जब लोकसभा में 204 मुद्दे उठाए गए थे, जो एक दिन में उठाए गए मुद्दों की सर्वाधिक संख्या है. यह भी पढ़ें : कोलकाता में विधि पाठ्यक्रम की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में कॉलेज का सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार

उन्होंने कहा कि संसदीय रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण प्राथमिकता का एक अन्य क्षेत्र रहा है और लोकसभा सचिवालय 8,000 घंटे से अधिक की ऐतिहासिक संसदीय चर्चाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया में है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमने ये वीडियो दूरदर्शन अभिलेखागार से लिए हैं क्योंकि ये संसद टीवी के अस्तित्व में आने से पहले के हैं." उन्होंने कहा कि एआई-संचालित खोज प्रणाली अब उपयोगकर्ताओं को कई ओं में भी, वीडियो में विशिष्ट शब्दों या विषयों को तुरंत ढूंढने की सहूलियत प्रदान करती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 28, 2025 01:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).