इस्लामाबाद, 14 सितंबर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को आतंकवाद के एक मामले में पूछताछ के लिए इस्लामाबाद पुलिस की संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) के समक्ष उपस्थित हुए।
खान के खिलाफ यह मामला पिछले महीने इस्लामाबाद में आयोजित एक रैली में पुलिस, न्यायपालिका और अन्य संस्थानों को कथित रूप से धमकी देने के सिलसिले में दर्ज किया गया है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष खान इससे पहले तीन बार पर जेआईटी के समक्ष उपस्थित होने से इनकार कर चुके थे और बुधवार को वह आतंकवाद निरोधी अदालत (एटीसी) के निर्देश पर टीम के समक्ष पेश हुए। जेआईटी ने पूछताछ के दौरान उन्हें एक प्रश्नावली दी।
गौरतलब है कि पिछले महीने आयोजित रैली में 69 वर्षीय खान ने देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार उनके सहयोगी शहबाज गिल के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार को लेकर शीर्ष पुलिस अधिकारियों, चुनाव आयोग और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी दी थी।
रैली के दौरान खान ने गिल की दो दिन की हिरासत पुलिस को देने वाली अतरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी का विशेषतौर पर नाम लिया था। खान ने कहा था कि वह ‘‘कार्रवाई के लिए तैयार रहें।’’
इस बयान के कुछ घंटों के बाद ही पुलिस, न्यायपालिक और अन्य राजकीय संस्थानों को धमकी देने के आरोप में खान के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया।
अदालत ने पिछले सप्ताह मामले में खान की जमानत अवधि बढ़ाकर 20 सितंबर तक कर दी थी और उन्हें जांच के लिए जेआईटी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था।
जेआईटी के समक्ष उपस्थित होने से पहले खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला मजाक है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरी दुनिया के सामने मजाक है। क्योंकि सभी मुझे जानते हैं, पूरी दुनिया में खबर छपी कि मेरे खिलाफ आतंकवाद के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।’’
उन्होंने सरकार पर मीडिया और पीटीआई के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
खान ने सरकार को धमकी दी कि वह भारी संख्या में लोगों के साथ प्रदर्शन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चुप था क्योंकि देश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, उसके बाद बाढ़ आ गई। इसलिए हमने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का फैसला किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगले कदम के तौर पर प्रदर्शन शुरू किया जाएगा जिसको सरकार वहन नहीं कर पाएगी। खान ने आरोप लगाया कि ‘‘यह साजिश के तहत लाई गई आयातित सरकार है।’’
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