जरुरी जानकारी | सोयाबीन तेल-तिलहन में सुधार, पामोलिन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को मूंगफली को छोड़ सीपीओ, पामोलिन, बिनौला तेल और सरसों तेल-तिलहनों की कीमतों में गिरावट रही। दूसरी तरफ किसानों के नीचे भाव में सोयाबीन न बेचने से तिलहन के भाव मजबूती के साथ बंद हुए। वहीं मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर रहे।
नयी दिल्ली, 29 अगस्त विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को मूंगफली को छोड़ सीपीओ, पामोलिन, बिनौला तेल और सरसों तेल-तिलहनों की कीमतों में गिरावट रही। दूसरी तरफ किसानों के नीचे भाव में सोयाबीन न बेचने से तिलहन के भाव मजबूती के साथ बंद हुए। वहीं मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर रहे।
बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज 1.5 प्रतिशत टूटा। विदेशों में मंदी के रुख और मांग कमजोर रहने से सीपीओ और पामोलीन तेल के भाव में गिरावट आई।
उन्होंने कहा कि आयात महंगा पड़ने से सोयाबीन डीगम की कीमतों में सुधार हुआ है। वहीं किसानों के पास सोयाबीन का स्टॉक होने और उन्हें अच्छे दामों में बेचने से सोयाबीन तेल-तिलहनों के भाव सुधार के साथ बंद हुए हैं।
सूत्रों ने कहा कि वैश्विक बाजार घट रहा है, तो सरकार को खाद्य तेल-तिलहन के खुदरा मूल्य पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
थोक बाजार टूटने के बावजूद खुदरा मूल्य में कोई उतार-चढ़ाव न होने से उपभोक्ताओं और किसानों को कोई लाभ नहीं हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार को तिलहन उत्पादन बढ़ाने के बारे में भी सोचना चाहिए क्योंकि विदेशी तेल के आयात के लिए विदेशी मुद्रा खर्च करनी होगी। इसके अलावा सरकार को किसानों, तेल उद्योगों और उपभोक्ताओं को इस मंदी से उबारने के लिए कोई उपाय करना चाहिए।
सूत्रों ने कहा कि सीपीओ और पामोलिन का आयात सस्ता पड़ने और मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट से इनके भाव गिरे हैं। दूसरी ओर पामोलिन एवं सीपीओं के भाव गिरने से सरसों तेल में भी गिरावट दर्ज हुई।
सूत्रों ने कहा कि मूंगफली में कारोबार समाप्ति की ओर है और अगले महीने मूंगफली की नई फसल के आने के बाद इसके तेल-तिलहनों के भाव टूटेंगे। फिलहाल स्टॉक की कमी और मांग होने से मूंगफली तेल-तिलहन का भाव पूर्वस्तर पर बंद हुआ। अगले महीने खरीफ (मूंगफली, सोयाबीन, बिनौला) की फसल आएगी।
सोमवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,050-7,100 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7170-7295 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,750 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,785 - 2,975 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,230-2,320 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,260-2,375 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,900 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 10,050 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 11,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 10,800 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,550-5,650 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 5,450- 5,550 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 29, 2022 06:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

