जरुरी जानकारी | सरसों, बिनौला में सुधार, सोयाबीन तिलहन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मिले-जुले रुख के बीच मंगलवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में कारोबार का मिश्रित रुख रहा। एक ओर जहां सरसों तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया, वहीं सोयाबीन की नई फसल की छिटपुट आवक शुरू होने के बीच सोयाबीन तिलहन कीमतों में गिरावट देखने को मिली। मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर विदेशी बाजारों में मिले-जुले रुख के बीच मंगलवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में कारोबार का मिश्रित रुख रहा। एक ओर जहां सरसों तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया, वहीं सोयाबीन की नई फसल की छिटपुट आवक शुरू होने के बीच सोयाबीन तिलहन कीमतों में गिरावट देखने को मिली। मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज में मिला-जुला रुख है। मलेशिया में मामूली सुधार है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में ज्यादा घट-बढ़ नहीं है। कल रात शिकागो एक्सचेंज में सोयाबीन तेल के दाम में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई जिसका घरेलू बाजार पर ज्यादा असर नहीं दिखा। वैसे सभी खाद्य तेलों की त्योहारी मांग बढ़ी है जो आगे और बढ़ेगी। बेपड़ता होने के कारण आगे सोयाबीन तेल का आयात घट सकता है।
सूत्रों ने कहा कि जलगांव में एक पुरानी खाद्य तेल कंपनी बगैर कोई मिलावट वाला शुद्ध सूरजमुखी तेल खुदरा में 98 रुपये लीटर बेच रही है जबकि जलगांव की ही एक बड़ी कंपनी इसी सूरजमुखी तेल को खुदरा में 140-150 रुपये के भाव बेच रही है। दोनों ही कंपनियां की खरीद का स्रोत आयातित सूरजमुखी तेल ही है लेकिन खुदरा बिक्री भाव के मामले दोनों कंपनियों के भाव में काफी अंतर है। इसलिए सरकार को केवल थोक बिक्री भाव की चिंता करने के बजाय खुदरा भाव को नियंत्रित करने की भी जरुरत है ताकि उपभोक्ता वास्तव में सस्ते खाद्य तेलों का स्वाद ले सकें। सस्ते आयातित खाद्य तेलों की बहुतायत के बीच जिस तरह देश की मंडियों में घरेलू तेल तिलहन का खरीद भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे चल रहा है, ऐसे में एमएसपी का कोई औचित्य नहीं रहेगा। घरों में दूध के मुकाबले खाद्य तेलों की खपत काफी कम होती है और नीति-निर्माताओं की यह गलत अवधारणा है कि महंगाई पर दूध से ज्यादा असर खाद्य तेल डालते हैं और इस सोच को बदलने की जरूरत है क्योंकि किसानों को उनकी उपज का सही भाव नहीं मिला तो आने वाले तीन-चार वर्षो में इसका देश के तिलहन उत्पादन पर खराब असर हो सकता है।
ऐसी आशंका है कि आगे जाकर विदेशी बाजार घरेलू खाद्य तेल बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे।
सूत्रों ने कहा कि आवक कम होने और त्योहारी मांग से सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया जबकि सूरजमुखी तेल का आयात अगस्त के मुकाबले सितंबर में कम होने से बिनौला तेल की मांग बढ़ने से बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया।
उन्होंने कहा कि देशी सोयाबीन तिलहन की नयी फसल की छिटपुट आवक शुरू होने के बीच सोयाबीन तिलहन कीमतों में गिरावट देखी गई जबकि सोयाबीन के मुर्गीदाने में उपयोग आने वाले डी-आयल्ड केक (डीओसी) की मांग कमजोर होने तथा सस्ते आयातित तेलों की प्रचुरता की वजह से सोयाबीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं। सोयाबीन से 18 प्रतिशत तेल और 82 प्रतिशत डीओसी मिलता है। रात विदेशों में डीओसी के दाम 11 डॉलर प्रति टन टूटे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सोयाबीन किसानों और तेल उद्योग को नुकसान से बचाने के लिए उन्हें डीओसी के निर्यात पर सब्सिडी देनी चाहिये।
मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,525-5,575 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7,475-7,525 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 18,025 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,640-2,925 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,725 -1,820 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,725 -1,835 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,425 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 7,800 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,525 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,025 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,200 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,700-4,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,300-4,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 03, 2023 09:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

