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जरुरी जानकारी | एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू होने से मूंगफली, बिनौला सहित अन्य तेल-तिलहन में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंगफली और कपास नरमा की खरीद शुरू होने के कारण देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया। इसके अलावा मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत रहने से सोयाबीन तेल तथा कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम भी बढ़त के साथ बंद हुए।

जरुरी जानकारी | एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू होने से मूंगफली, बिनौला सहित अन्य तेल-तिलहन में सुधार

नयी दिल्ली, 11 नवंबर सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंगफली और कपास नरमा की खरीद शुरू होने के कारण देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया। इसके अलावा मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत रहने से सोयाबीन तेल तथा कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम भी बढ़त के साथ बंद हुए।

दूसरी ओर सहकारी संस्थाओं की बिक्री के कारण सरसों तेल-तिलहन तथा सोयाबीन डी-आयल्ड केक (डीओसी) की कमजोर निर्यात मांग से सोयाबीन तिलहन कीमतें गिरावट दर्शाते बंद हुईं।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि देश की सहकारी संस्थाएं- हाफेड और नाफेड की सरसों की बिकवाली जारी रहने से सरसों तेल-तिलहन कीमत में गिरावट रही। जबकि बायोडीजल में खाद्य तेलों के बढ़ते उपयोग के कारण अब पाम, पामोलीन जैसे तेल भी देशी सरसों, मूंगफली जैसे खाद्य तेल से महंगे हो चले हैं। मौजूदा स्थिति देशी तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता को ही रेखांकित करती।

सूत्रों ने कहा कि आज जिस तरह मलेशिया आंख दिखाने लगा है यानी कीमतों में वृद्धि कर रहा है, उस जगह मूंगफली, बिनौला, सरसों जैसे देशी तिलहन ही हमें राहत प्रदान कर रहे हैं। इसलिए खाद्य तेलों के लिए आयात पर निर्भरता को कहीं से भी उचित नहीं ठहराकर अपने तेल-तिलहन उत्पादन को बढ़ाने, इन खाद्य तेलों का बाजार बनाने की ओर भरपूर ध्यान देने की जरूरत है।

सूत्रों ने कहा कि गुजरात के सौराष्ट्र में मूंगफली और मध्य प्रदेश में कपास नरमा की एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू होने से निराश होते किसानों में नयी जान आई है तथा मूंगफली और बिनौला के दाम मजबूत हुए हैं। इसके अलावा शादी-विवाह के मौसम की मांग से भी कुछ खाद्य तेल कीमतों में सुधार है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,565-6,615 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,500-6,775 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,400 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,320-2,620 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,290-2,390 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,290-2,415 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,625 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,750 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,450-4,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,150-4,185 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,200 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 11, 2024 07:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).