जरुरी जानकारी | देशी तेल तिलहन में सुधार, आयातित तेल कीमतों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अच्छे माल की उपलब्धता की कमी और साधारण मांग के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को देशी तेल तिलहनों के भाव में सुधार दिखा जबकि आयात ज्यादा होने से सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई।
नयी दिल्ली, 28 जुलाई अच्छे माल की उपलब्धता की कमी और साधारण मांग के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को देशी तेल तिलहनों के भाव में सुधार दिखा जबकि आयात ज्यादा होने से सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई।
देशी तेल-तिलहन में सरसों एवं मूंगफली के अलावा सोयाबीन तिलहन और बिनौला तेल शामिल हैं। शिकॉगो एक्सचेंज में फिलहाल सुधार का रुख है जबकि मलेशिया एक्सचेंज में 0.3 प्रतिशत की गिरावट है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि सूखे और बेहतर दाने वाले सरसों की कमी होने, ब्रांडेड कंपनियों की कच्ची घानी तेल की मांग बढ़ने तथा पक्की घानी के मुकाबले कच्ची घानी तेल की कीमत का अंतर पहले के एक रुपये किलो से बढ़कर लगभग पांच रुपये किलो होने की वजह से सरसों तेल तिलहन में सुधार दिखा।
जबकि मूंगफली की उपलब्धता कम रहने के साथ इसकी मांग होने से मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में भी सुधार आया। मूंगफली तेल का विकल्प बिनौला तेल को माना जाता है। मूंगफली की कमी के बीच बिनौला की अच्छी गुणवत्ता के माल की कमी होने और मांग बढ़ने से बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार आया। त्योहारों का मौसम नजदीक होने के साथ देशी तेल तिलहन की मांग आगे और बढ़ने की उम्मीद है। डी-आयल्ड केक (डीओसी) की मांग के कारण सोयाबीन तिलहन कीमतों में भी सुधार दिखा।
दूसरी ओर, आयातित तेलों के अधिक आयात के कारण सोयाबीन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में नरमी देखी गई। इन तेलों के आयात पर जो लागत आती है उससे कहीं कम कीमत पर बंदरगाह पर यह तेल बिकते हैं। इन खाद्यतेलों का इतना अधिक आयात हो रखा है कि इनमें आपस में ही प्रतिस्पर्धा हो रही है।
आयात बेपड़ता बैठने की वजह से सीपीओ से पामोलीन बनाने में तीन रुपये किलो, सोयाबीन तेल मे 3-4 रुपये किलो, सूरजमुखी तेल में 2-3 रुपये किलो और पामोलीन में लगभग एक रुपये किलो का नुकसान है यानी लागत के मुकाबले बंदरगाह पर बिक्री में यह नुकसान हो रहा है।
शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,675-5,725 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7,650-7,700 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 18,550 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,685-2,965 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,880 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,795 -1,875 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,795 -1,905 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,650 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,075-5,170 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,840-4,935 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2023 09:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

