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जरुरी जानकारी | बिनौला में सुधार, बाकी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. खाद्य तेलों का जुलाई के मुकाबले अगस्त में कहीं अधिक आयात होने की वजह से देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई लेकिन उपलब्धता बेहद कम होने के बीच हल्की मांग निकलने से बिनौला तेल कीमत में मजबूती देखी गई।

जरुरी जानकारी | बिनौला में सुधार, बाकी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली, चार सितंबर खाद्य तेलों का जुलाई के मुकाबले अगस्त में कहीं अधिक आयात होने की वजह से देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई लेकिन उपलब्धता बेहद कम होने के बीच हल्की मांग निकलने से बिनौला तेल कीमत में मजबूती देखी गई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि जुलाई, 2023 में 17.60 लाख टन खाद्य तेलों का आयात हुआ था जो इस अगस्त में बढ़कर 18.5 लाख टन हो गया है। पिछले वर्ष हर महीने औसतन 11.70 लाख टन खाद्य तेलों का आयात हुआ था। यह स्थिति आयात पर बढ़ती निर्भरता का संकेत है। लेकिन ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि देशी तेल-तिलहन उद्योग का क्या होगा? उन्होंने कहा कि इसका असर अगले चार पांच साल में देखने को मिलेगा और देशी तेल-तिलहन उद्योग को गंभीर क्षति हो सकती है।

सूत्रों ने कहा कि अंधाधुंध आयात जारी रहने का असर सभी तेल-तिलहन कीमतों पर दिखा जिससे उनकी ‘थोक’ कीमतों में गिरावट आई। लेकिन इस गिरावट को ‘खुदरा’ कीमत में आई गिरावट के रूप में नहीं लिया जाना चाहिये क्योंकि अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अधिक होने की वजह से यही सस्ता थोक तेल, उपभोक्ताओं को महंगा ही खरीदना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि आयातक इस आयातित खाद्य तेल को बंदरगाह पर लागत से 3-5 रुपये नीचे थोक दाम पर बेच रहे हैं। यानी बैंकों को भी नुकसान हो रहा है क्योंकि इस नुकसान के साथ बिक्री की भरपाई कहां से होगी, यह स्पष्ट नहीं है। सिर्फ खाद्य तेलों का आयात बढा देना और इनके थोक दाम में गिरावट से खुश हुआ जा सकता है या एमआरपी को कम कराने की मुस्तैदी भी दिखायी जानी चाहिये।

महाराष्ट्र में बिनौला तेल की हल्की मांग निकलने तथा बिनौले की उपलब्धता काफी कम होने से इस तेल की कीमत में सुधार आया।

शिकॉगो एक्सचेंज आज बंद है जो दुनिया के तेल- तिलहन बाजार को प्रभावित करता है। मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट है।

सोमवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,640-5,690 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 7,790-7,840 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 18,550 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,715-3,000 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,775 -1,870 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,775 -1,885 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,150 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,125 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,155-5,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,920-5,015 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2023 09:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).